काशी की चुनावी जंग पर लगी खाड़ी देशों की निगाह
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यूं तो पूरे विश्व की निगाहें लोकसभा चुनाव पर लगी हुई हैं, लेकिन खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की वाराणसी संसदीय सीट पर खास तौर पर नजर है।
वे यहां के महासमर की पल-पल की खबर जानना चाहते हैं। यही वजह है कि चुनाव की कवरेज के लिए यहां आए दो दर्जन से अधिक विदेशी मीडिया के पत्रकारों में एक चौथाई खाड़ी देशों के हैं।
इन मीडिया समूह के प्रतिनिधियों की मानें तो खाड़ी देशों में रहने वाले 80 लाख भारतीय काशी के चुनाव को लेकर खासा उत्सुक हैं।
खाड़ी के पत्रकारों का वाराणसी में जमावड़ा
वे न केवल भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार व वाराणसी से प्रत्याशी नरेंद्र मोदी से जुड़ी हर खबर पर नजर रख रहे हैं बल्कि प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार आप के अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के अजय राय से जुड़ी जानकारी भी चाहते हैं।
मीडिया प्रतिनिधि गंगा के मुद्दे पर संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र और बुनकरों से बात कर यहां की नब्ज टटोलने में लगे हैं।
दुबई से प्रकाशित होने वाले गल्फ न्यूज, खलीज टाइम्स के लोग वाराणसी आए हुए हैं। दुबई, आबूधाबी, शारजाह, अलऐन और खुरफक्कान में करीब 17 लाख और कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन आदि देशों में करीब 63 लाख भारतीय रहते हैं।
वाराणसी को लेकर सभी के मन में उत्सुकता
कुल मिलाकर खाड़ी देशों में करीब 80 लाख भारतीय रहते हैं। वाराणसी में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी के मन में उत्सुकता है।
हर भारतीय के घर में मोदी और अरविंद केजरीवाल की लड़ाई की चर्चा हो रही है। खाड़ी देशों के मीडिया समूह अपने पाठकों तक चुनावी खबरों को पहुंचाने के लिए वाराणसी में डेरा डाले हुए हैं।
गल्फ न्यूज के संपादक बाबी नकवी इन दिनों वाराणसी में हैं। वह पूर्वांचल में होने वाली मोदी की हर सभा में पहुंचते हैं।
मोदी-राहुल, हैं दोनों के समर्थक
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर उनकी राय भी जान रहे हैं। वह बताते हैं खाड़ी देशों में दक्षिण भारत, गुजरात और यूपी के काफी लोग रहते हैं। सबकी अपनी-अपनी सोच है।
गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव में मोदी की जीत पर दुबई के कुछ हिस्सों में लोगों ने मिठाइयां बांटी थीं। वहां राहुल गांधी के भी समर्थक हैं।
वाराणसी के बारे में उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वास्तव में काशी अच्छी है। यहां के लोग अच्छे हैं। लोग खुलकर बात कहते हैं।
गंगा भी बन रही है मुद्दा
उन्होंने बताया कि वह संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र समेत कई लोगों से मिले और उन्होंने गंगा के बारे में भी बात की।
गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करने की जरूरत है। यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सरकार बदलते रहना जरूरी होता है।
बीबीसी और अलजजीरा की टीम भी कर रही कैंप
बीबीसी वर्ल्ड, अलजजीरा, जियो, टाइम मैगजीन, वायस आफ अमेरिका, वाशिंगटन पोस्ट, जापान टीवी, एफपी, रायटर्स और बेल्जियम टीवी की टीम भी वाराणसी में कैंप कर रही है।
बीबीसी की टीम के कुछ लोग फिलहाल आजमगढ़ में हैं। केरल, बंगाल और गुजरात के रीजनल चैनल के संवाददाताओं के अलावा देश और विदेश के पचास से ज्यादा स्वतंत्र पत्रकार भी यहां ठहरे हुए हैं।