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चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पर बैन से आयोग का इंकार

Mon, 31 Mar 2014 08:41 AM IST
Updated Mon, 31 Mar 2014 08:41 AM IST
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election commission will not ban opinion polls, wants centre to frame law

आमचुनाव के दौरान चुनाव पूर्व सर्वेक्षण बेरोकटोक जारी रहेंगे। दरअसल चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें उसने आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग कर चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर रोक लगाने की सलाह दी थी। आयोग ने अपनी ओर से चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर रोक लगाने के बजाय सरकार को खुद इस मुद्दे पर कानून बनाने की सलाह दी है।

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उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार बीते साल कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान से ही लगातार चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर रोक के पक्ष में रही है। दूसरी ओर, विपक्ष खासतौर पर भाजपा चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर रोक के खिलाफ है। चुनाव आयोग की रुख से लोकसभा चुनाव में चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक की संभावना खत्म हो गई है।
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चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय की सलाह को खारिज कर दिया है। मंत्रालय को दिए जवाब में आयोग ने कहा है कि ठीक चुनाव के समय वह संविधान में दिए गए अधिकारों का उपयोग नहीं करना चाहता। वह चाहता है कि इस मुद्दे पर खुद सरकार कानून बनाए।
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सरकार ही बनाए इसके लिए कानून

election commission will not ban opinion polls, wants centre to frame law

आयोग ने यह भी कहा है कि जैसे एग्जिट पोल को कानूनन प्रतिबंधित किया गया उसी तरह सरकार को चाहिए कि वह चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के प्रकाशन और प्रसारण को रोकने के लिए भी कानून बनाए। आयोग ने अपने जवाब में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने और अंतिम चरण का मतदान पूरा होने तक चुनाव सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है।

मगर उसका कहना है कि इसके लिए आयोग से पहल कराने के बजाए सरकार को खुद कानून बनाने का रास्ता अख्तियार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि अभी आयोग को मतदान के 48 घंटे पहले चुनाव पूर्व सर्वेक्षण को प्रतिबंधित करने का अधिकार है।

साल के आरंभ में अटार्नी जनरल ने आयोग के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। ऐसे सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध संबंधी प्रस्ताव का स्वागत करते हुए अटार्नी जनरल ने कहा था कि एग्जिट पोल पर रोक के तीन वर्ष पूरे हो जाने के बाद भी चूंकि इसे कोई चुनौती नहीं दे रहा है, इसलिए निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर भी रोक लगा दी जानी चाहिए।

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