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चुनाव कानून में संशोधन की चुनाव आयोग की सलाह
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sun, 14 Oct 2012 09:50 PM IST
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चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर चुनाव कानून में संशोधन की सलाह दी है ताकि विदेशी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं से मिलने वाले अनुदान के बारे में जानकारी देना राजनीतिक पार्टियों के लिए अनिवार्य बना दिया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने हाल ही में कानून मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। इसमें राजनीतिक दलों के जन प्रतिनिधित्व एक्ट की धारा 29 के फार्म 24ए के तहत आर्थिक योगदान के बारे में ब्योरा देने वाले फार्मेट में सुधार करने को कहा गया है।
आयोग ने कहा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से चर्चा कर जानकारी दिए जाने की पद्धति में बदलाव किए जाएं। आयोग ने सुझाव दिया है कि राजनीतिक पार्टियों को विदेशी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं से मिलने वाले योगदान नगद या चैक का ब्योरा देने के लिए कहा जाना चाहिए। आयोग ने दस्तावेज प्रक्रिया में समीक्षा के लिए कहा है ताकि राजनीतिक पार्टियों को वित्तीय योगदान दिए जाने और उनके धन के स्रोत से जुड़े मुद्दों को पारदर्शी बनाया जा सके। अभी तक राजनीतिक दल चुनावी कानून के तहत 20 हजार रुपये से अधिक के योगदान की राशि की चुनाव आयोग को जानकारी देते हैं।
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आयोग ने कहा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से चर्चा कर जानकारी दिए जाने की पद्धति में बदलाव किए जाएं। आयोग ने सुझाव दिया है कि राजनीतिक पार्टियों को विदेशी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं से मिलने वाले योगदान नगद या चैक का ब्योरा देने के लिए कहा जाना चाहिए। आयोग ने दस्तावेज प्रक्रिया में समीक्षा के लिए कहा है ताकि राजनीतिक पार्टियों को वित्तीय योगदान दिए जाने और उनके धन के स्रोत से जुड़े मुद्दों को पारदर्शी बनाया जा सके। अभी तक राजनीतिक दल चुनावी कानून के तहत 20 हजार रुपये से अधिक के योगदान की राशि की चुनाव आयोग को जानकारी देते हैं।
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