पढ़िए कहां से चुनाव आयोग ने पकड़े करीब 100 करोड़
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गर्मी बढ़ने के साथ ही आंध्र प्रदेश में पानी के स्रोत भले ही सूख रहे हों, भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत शुरू हो गई हो, पर चुनावी गर्मी बढ़ने के साथ ही रुपयों और शराब की नदियां बह रही हैं। हालांकि इन दोनों चीजों में सीधे आपस में कोई संबंध नहीं है।
चुनाव आयोग ने आंध्र को ‘व्यय संवेदनशील’ राज्य घोषित किया है। देश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक आयोग ने कुल 90 करोड़ रुपये जब्त किए हैं जिसमें से 60 करोड़ अकेले आंध्र में बरामद किए गए हैं।
कहा जा सकता है कि चुनावी मौसम में राज्य में पैसा पानी की तरह बह रहा है। आंध्र में पांच हफ्तों में लोकसभा समेत चार चुनाव होने हैं। 30 मार्च को 146 म्युनिसपलिटी और 10 कारपोरेशन के चुनावों के साथ इसकी शुरुआत हो चुकी है।
जिला परिषद के होने हैं चुनाव
आंध्र में यही सब देखते हुए अधिकारी ज्यादा अलर्ट हैं। सांसद और मौजूदा विधायक प्रचार में पैसा बहा रहे हैं, जिससे चुनाव में उनका टिकट पक्का हो सके।
आयोग ने उठाए हैं सख्त कदम
पुलिस ने उम्मीदवारों के घरों पर छापे मारकर साड़ी-ब्लाउज, चांदी के सामान, स्टील की चीजें और क्रिकेट की किटें बड़ी संख्या में जब्त की है। अधिकारियों के मुताबिक महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए उमीदवारों ने यह चीजें इकट्ठा की, जबकि युवा वोटरों को लुभाने के लिए क्रिकेट किट देने की योजना थी।
उम्मीदवार भी कम नहीं...
उम्मीदवार भी काफी होशियारी बरत रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अधिकारियों को धोखा देने के लिए उम्मीदवार पैसे लाने या ले जाने में उन सुरक्षा वैन का इस्तेमाल करते देखे गए हैं, जिनका इस्तेमाल एटीएम में रुपये भरने वाली एजेंसियां करती हैं।
उम्मीदवारों ने पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम पर एकाउंट खुलवा रखे हैं और उनमें मतदाताओं को बांटने के लिए धन जमा कर रहे हैं। आंध्र में राजनीतिज्ञों और कांट्रैक्टरों के बीच मजबूत साठगांठ है।