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2171 प्रत्याशियों पर गिरी गाज, चुनाव लड़ने पर रोक

Mon, 18 Feb 2013 12:21 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 18 Feb 2013 12:21 AM IST
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election commission bars 2171 candidates from contesting for not filing returns

चुनावों में धन बल के बढ़ते उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए चुनाव आयोग ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत आयोग ने 2171 उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दिया है। इनके खिलाफ यह कार्रवाई तय समय में चुनाव खर्च का रिटर्न नहीं भरने की वजह से की गई है। आयोग ने इन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दे दिया है।

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ये सभी उम्मीदवार आयोग की ओर से अयोग्य करार दिए जाने की तिथि से तीन साल (अधिकतम जनवरी 2016) तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। आयोग का यह कदम चुनाव सुधार प्रक्रिया का एक हिस्सा है और इसे चुनावों में वित्तीय पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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आयोग की ओर से अयोग्य करार दिए गए उम्मीदवारों की संख्या के हिसाब से महाराष्ट्र टॉप पर है। प्रदेश के 260 उम्मीदवार अयोग्य करार दिए गए हैं। दूसरा स्थान छत्तीसगढ़ का है। यहां के 259 उम्मीदवार अयोग्य ठहराए गए हैं।
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तीसरा नंबर है हरियाणा का। राज्य के 197 उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का रिटर्न नहीं भरने की वजह से अयोग्य ठहराया गया है। इसके अलावा ओडिशा के 188, मध्य प्रदेश के 179, उत्तर प्रदेश के 159, झारखंड के 118 और तमिलनाडु के 97 उम्मीदवार अयोग्य करार दिए गए हैं।

जहां तक संसदीय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराए जाने का मामला है तो इस सूची में उत्तर प्रदेश टॉप पर है। प्रदेश के ऐसे 158 उम्मीदवार अयोग्य करार दिए गए हैं। विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के मामले में छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक 240 उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए हैं।

सभी 2171 उम्मीदवारों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8ए, 11 (ए)(2) और 10ए के तहत तय समय सीमा के भीतर चुनाव खर्च का रिटर्न नहीं भरने की वजह से अयोग्य करार दिया गया है। गौरतलब है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर सभी उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का रिटर्न भरना होता है। अयोग्य घोषित किए गए उम्मीदवारों में कुछ तो इतनी लापरवाह रहे कि उन्होंने रिटर्न भरा ही नहीं, जबकि कुछ ने रिटर्न भरा था, लेकिन वे सही नहीं पाए गए।


आयोग ने अयोग्य करार दिए गए इन उम्मीदवारों की सूची मुख्य चुनाव अधिकारियों को भेज दिए हैं। इन सभी के नाम रिटर्निंग अफसरों को भी भेजे जाएंगे। चुनाव आयोग ने इससे पहले सितंबर 2009 में 3275 उम्मीदवारों को अयोग्य करार दिया था।

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