'आरोप तय होते ही चुनाव लड़ने पर लगे रोक'

पीयूष पांडेय/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 22 Nov 2013 12:57 AM IST
विज्ञापन
election commision criminalization politics supreme court

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
राजनीति में अपराधीकरण पर अंकुश लगाने के लिए चुनाव आयोग ने एक और कदम बढ़ा दिया है।
विज्ञापन

आयोग ने उस चुनाव प्रत्याशी को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की है, जिसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप तय कर दिए जा चुके हों।
चुनाव आयोग ने सर्वोच्च अदालत में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि जिन अपराधों में पांच साल से अधिक सजा का प्रावधान है। उनमें अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने पर आरोपी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से वंचित किया जाए।
राजनीतिक विद्वेष के चलते फर्जी मामलों में फंसाने की आशंका के जवाब में आयोग ने कहा कि चुनाव से छह माह पहले किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय किए जाने के मामले में ही यह नियम लागू हो।

आयोग ने केंद्र सरकार की ओर से जताई गई आशंकाओं के जवाब में छह माह का प्रस्ताव पेश किया है। याद रहे कि केंद्र ने सर्वोच्च अदालत में दायर हलफनामे में कहा था कि आरोप तय होने पर व्यक्ति को चुनाव लड़ने से वंचित करने का नियम नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि इसका सत्ताधारी दल दुरुपयोग कर सकता है।

सर्वोच्च अदालत से आयोग ने कहा है कि संसद, विधानसभाओं की गरिमा बनाए रखने और देश के प्रशासनिक ढांचे की निष्ठा-विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए दागियों को चुनाव से दूर रखना जरूरी है। आयोग के सचिव आशीष चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में दायर ताजा हलफनामे में कहा है कि व्यापक जनहित में इस तरह का कदम उठाना जरूरी है।

आयोग का तर्क है कि आरोप तय होना फौजदारी कानून के तहत अदालत की ओर से अपनाई गई पहली कड़ी है। आरोप तय करने में न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया जाता है। पहली नजर में आरोप और सबूत पुख्ता होने के बाद ही अदालत आरोप तय करती है।

आरोप तय होने पर अभियुक्त का चरित्र और उसकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है। लोक सेवा के लिए आवश्यक उत्कृष्टता की कमी के कारण दागी लोगों को बाहर रखा जाना जरूरी है। गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत का इस मामले में ऐतिहासिक फैसला लागू होने के बाद दोषी करार दिए गए बड़े नेताओं की सदस्यता समाप्त की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us