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पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण की लोकसभा सदस्यता पर खतरा

Mon, 14 Jul 2014 11:19 AM IST
Updated Mon, 14 Jul 2014 11:19 AM IST
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Election comission sent notice to ex maharashtra cm ashok chawhan

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद अशोक चव्हाण वर्ष 2009 में विधानसभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज मामले में बुरी तरह फंस गए हैं।

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चुनाव आयोग ने चव्हाण को विधानसभा चुनाव में सीमा से अधिक राशि खर्च करने के आरोपों को सही करार देते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।
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चव्हाण को जवाब देने केलिए 20 दिन का समय दिया गया है। उनका जवाब आने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई करेगा।

सदस्यता रद्द होने का खतरा

Election comission sent notice to ex maharashtra cm ashok chawhan

उल्लेखनीय है कि अगर आयोग ने उन्हें सीमा से अधिक राशि खर्च करने का दोषी करार दिया तो उनकी न केवल विधानसभा सदस्यता खत्म हो सकती है, बल्कि वह अगले तीन वर्षों तक चुनाव भी नहीं लड़ सकते।

वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव के दौरान भोकर सीट से चुनाव लड़ने वाले चव्हाण के प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. माधव किनालकर ने आयोग के समक्ष पेड न्यूज की शिकायत की थी।

इनका कहना था कि चव्हाण ने न केवल विभिन्न समाचार पत्रों में पेड न्यूज छपवाए, बल्कि अपने चुनाव खर्च में इसका ब्योरा भी नहीं दिया।

अंत‌िम फैसला ल‌िया जाना बाकी

Election comission sent notice to ex maharashtra cm ashok chawhan

चव्हाण ने आयोग के समक्ष दिए गए ब्योरे में समाचार माध्यमों में महज 5379 रुपये खर्च करने का विवरण दिया था।


आयोग ने पेड न्यूज मामले में चव्हाण पर लगे आरोपों को सही पाया है। इसके बाद आयोग ने नियम 89(5) के तहत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि सीमा से अधिक राशि खर्च करने के कारण क्यों न उनकी सदस्यता रद्द की जाए।

आयोग अब चव्हाण के जवाब के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय लेगा।

उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधित्व कानून केतहत चुनाव के दौरान सीमा से अधिक राशि खर्च करने का आरोप सही पाए जाने पर संबंधित प्रतिनिधि को अगले तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।

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