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इस चुनाव में क्या-क्या होगा पहली बार?

Tue, 08 Apr 2014 08:03 AM IST
Updated Tue, 08 Apr 2014 08:03 AM IST
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election 2014 is going to be historical

सोमवार से भारतीय लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो चुका है। पहले चरण में दो राज्यों की छह लोकसभा सीटों पर मतदाताओं ने उम्मीदवारों का भाग्य तय कर दिया है।

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इस चरण में असम की पांच सीटों और त्रिपुरा (पश्चिम) एक सीट पर मतदान हुआ। असम की पांच सीटों जोरहट, तेजपुर, कलियाबोर, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर मे भी मतदान हुआ।
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नौ चरणों में होने वाले इस चुनाव के आखिरी चरण का मतदान 12 मई को होना है और मतगणना की तारीख 16 मई को तय है। भारतीय संसद के निचले सदन यानी लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं।
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चुनाव के बाद किसी पार्टी या गठबंधन को नई सरकार के गठन के लिए 272 सासंदों के जादुई आंकड़े की ज़रूरत होगी।

9 चरणों में हो रहा चुनाव

election 2014 is going to be historical
7 अप्रैल-------2 राज्य, 6 लोकसभा सीटें
9 अप्रैल-------5 राज्य, 7 लोकसभा सीटें
10 अप्रैल-------14 राज्य, 92 लोकसभा सीटें

12 अप्रैल-------3 राज्य, 5 लोकसभा सीटें
17 अप्रैल-------13 राज्य, 142 लोकसभा सीटें
24 अप्रैल-------12 राज्य, 117 लोकसभा सीटें

30 अप्रैल-------9 राज्य, 89 लोकसभा सीटें
7 मई-------7 राज्य, 64 लोकसभा सीटें
12 मई-------3 राज्य, 41 लोकसभा सीटें
16 मई-------मतगणना

युरोप की कुल आबादी से ज्यादा हैं यहां वोटर

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2014 में वोटरों की कुल संख्या : 81।45 करोड़ से ज़्यादा

यूरोपीय संघ की कुल आबादी : 50।3 करोड़

2009 में वोटरों की कुल संख्या : 71।3 करोड़

पांच सालों में वोटरों की संख्या में इज़ाफ़ा : 10 करोड़ से ज़्यादा

2009 में मतदान केंद्रों की कुल संख्या : 830,866

2014 में मतदान केन्द्रों की कुल संख्या : 930,000

रूस की सेना से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी चुनाव में तैनात

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2009 के आम चुनावों में सुरक्षा के लिए इस्तेमाल पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सैनिकों की संख्या: 12 लाख

रूस की सेना में शामिल कुल सैनिकों की संख्या : 8।45 लाख

2009 में चुनाव आयोग के इस्तेमाल में लाई गई ट्रेनों की संख्या : 119
2009 में चुनाव आयोग के इस्तेमाल में लाए गए हेलीकॉप्टरों की संख्या : 55

सर्वाधिक वोटरों वाला लोकसभा क्षेत्र : मलकानगिरी, आंध्र प्रदेश, 29। 53 लाख वोटर
सबसे कम वोटरों वाला लोकसभा क्षेत्र: लक्षद्वीप: 47,972 वोटर

भारतीय चुनाव आयोग से मान्यता प्रात राष्ट्रीय पार्टियों की संख्या: 6
भारतीय चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त कुल प्रांतीय पार्टियों की संख्या: 45

भारत के चुनाव आयोग के पास रजिस्टर्ड पार्टियों की कुल संख्या: 702

किस चुनाव में जीतीं सबसे अधिक महिलाएं?

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2009 चुनावों में ऐसे चुनाव क्षेत्रों की संख्या जहां जीत का अंतर तीन फ़ीसदी से कम था: 114

2009 चुनावों में सबसे कम वोटों से जीतने वाले प्रत्याशी: नमो नारायण (कांग्रेस) : टोंक सवाई माधोपुर

2009 लोक सभा चुनावों में जीतने वाले प्रत्याशी जिन्हें 50 फ़ीसदी से ज़्यादा वोट मिले: 120

2009 के चुनावों में सर्वाधिक महिला प्रत्याशी जीत कर आई थीं, यह संख्या थी 59, सदन का कुल 11 फ़ीसदी

1977 के चुनावों में सबसे कम महिला प्रत्याशी जीत कर आईं थी, यह संख्या थी 19, सदन का कुल 3।5 फ़ीसदी

1952 में हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संख्या : 4। 67

1997 में हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संख्या :25। 69

2009 में हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संख्या : 14। 86

1952 के पहले आम चुनावों में चुनाव करने का प्रति मतदाता खर्च : 0।60 पैसे

2009 के आम चुनावों में चुनाव कराने का प्रति मतदाता खर्च : 12 रुपए

2004 के आम चुनावों में चुनाव कराने का प्रति मतदाता खर्च : 17 रुपए

पहली बार दबेगा NOTA

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2004 के आम चुनावों में पहली बार पूरे भारत के वोटरों ने ईवीएम के ज़रिए वोट डाले थे। ईवीएम इस तरह से बनाई गई है कि बिना पढ़े-लिखे वोटर भी चुनाव चिह्न के आगे लगे बटन को दबा कर वोट डाल सकें।

हर ईवीएम के अंदर एक छह वोल्ट की अल्कलाइन बैटरी होती है जो बिजली न होने पर भी मशीन को चालू रखती है। एक ईवीएम अधिकतम 3840 वोट दर्ज कर सकती है। सामान्यतः किसी भी पोलिंग बूथ पर 1500 से अधिक वोटर नहीं होते।

ईवीएम पर अधिकतम 64 प्रत्याशी तक दर्शाए जा सकते हैं। किसी लोकसभा क्षेत्र में 64 से ज़्यादा प्रत्याशी होने पर चुनाव आयोग काग़ज़ के बैलट का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य है।

पहली बार हर ईवीएम में अंतिम बटन 'नोटा' या 'ऊपर दिए नामों में से कोई नहीं' ही होगा। ईवीएम के अंदर 10 सालों तक परिणामों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इतना ही नहीं वोट देते वक्त मतदाता पहली बार पुरुष या स्‍त्री से अलग जेंडर का चुनाव कर पाएंगे।

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