पुश्तैनी काम को इजाज ने बनाया जासूसी का जरिया
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पाक जासूस इजाज ने सेना की गोपनीय सूचनाएं जुटाने के लिए अपने पुश्तैनी काम को ही जरिया बना रखा था। इजाज फोटो मिक्सिंग के काम में माहिर है। इसलिए वह कैंट और उसके आसपास रहने वाले फोटोग्राफरों से दोस्ती करता था। आर्मी अफसरों की फोटो कम पैसों में मिक्सिंग करने का झांसा देकर वह सैन्य क्षेत्र में दखल रखता था।
कलकत्ता और बरेली के कई फोटोग्राफरों के नाम जासूस की पूछताछ में सामने आए है। वहीं, कई सैन्य अफसरों के फोटो भी मिले हैं। आईएसआई एजेंट इजाज शातिराना अंदाज में आर्मी की गोपनीय जानकारी लेकर पाकिस्तान भेजता था। जांच एजेंसियों की पूछताछ में इजाज ने बताया कि उनका पुश्तैनी काम फोटोग्राफी का है।
इजाज ने कलकत्ता के कैंट इलाके में एक फोटो स्टूडियो संचालक से संपर्क साधा। उसने फोटोग्राफर से फोटो मिक्सिंग करने की बात कहकर दोस्ती कर ली। इजाज ने कैंट इलाके से जुड़ी फोटो या आर्मी ऑफिसर के परिवार की फोटो को मार्केट की कीमत से आधे पैसे में मिक्सिंग करना तय कर लिया था। उसने मिक्सिंग के बहाने आर्मी की गोपनीय जानकारी जुटाकर पाकिस्तान भेजीं।
बी वारंट लेने की तैयारी में बरेली पुलिस
ऐसा ही उसने बरेली में किया। बरेली में आर्मी इलाके और उसके आसपास के कई फोटोग्राफरों से उसकी दोस्ती हो गई थी। फोटो मिक्सिंग कराने के बहाने उसकी फोटोग्राफरों से नजदीकियां हुईं। पूछताछ में बताए फोटोग्राफरों के नामों की सूची जांच एजेंसियों के पास है। पुलिस ने उक्त फोटोग्राफरों से भी पूछताछ करने की बात कही है।
बरेली पुलिस पाक जासूस इजाज का बी वारंट लेने की तैयारी में है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि इजाज अधिकांश बरेली में रुका। उसका ज्यादातर नेटवर्क बरेली में था। पुलिस ने बताया कि बरेली में इजाज और कलकत्ता के इरशाद, इरफाक, अशफाक समेत पांच लोगों के खिलाफ गुपचुप तरीके से केस दर्ज किया गया है।