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भू अधिग्रहण को लेनी होगी 80 फीसदी मालिकों की अनुमति

Tue, 30 Oct 2012 01:10 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 30 Oct 2012 01:10 PM IST
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eighty percent nod of landlords essential for land acquisition

निजी कंपनियों के लिए किसी जमीन का अधिग्रहण करने के लिए 80 फीसदी भू मालिकों की अनुमति जरूरी होगी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझाव के बाद भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे में बदलाव कर यह प्रावधान किया गया है। इससे पहले जमीन अधिग्रहण के लिए 67 फीसदी भू मालिकों की मंजूरी का प्रावधान बिल में कर दिया गया था।

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भूमि अधिग्रहण बिल पर मंत्री समूह (जीओएम) की अध्यक्षता करने वाले कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि जनहित के कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण में भू मालिकों की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
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ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के साथ बैठक के बाद पवार ने कहा कि इस नए मसौदे को जीओएम के सभी 14 सदस्यों में वितरित कर उनसे राय ली जाएगी। उन्होंने कहा कि जीओएम की पिछली बैठक में कई सुझाव पेश किए गए थे, जिन पर चर्चा के बाद बिल को अंतिम रूप दिया गया है। प्रमुख बदलावों में निजी कंपनियों के लिए सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिग्रहण में 80 फीसदी भू मालिकों की अनुमति होना जरूरी है।
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पिछली बैठक में जीओएम में निजी कंपनियों के भूमि अधिग्रहण के लिए दो तिहाई (67 फीसदी) भूमि मालिकों की अनुमति के प्रावधान पर मुहर लगा दी थी। जिसके बाद सोनिया ने इसे 80 फीसदी करने की सलाह दी थी। इस बदलाव से निजी कंपनियों के नाखुश होने के सवाल पर पवार ने कहा कि ऐसे में निजी कंपनियों खुद ही जमीन खरीद सकती हैं।


उन्होंने कहा कि पीपीपी के तहत यदि कोई जमीन अधिग्रहीत की जाती है तो इस पर कुछ छूट देने के बारे में राज्य सरकार फैसला कर सकती है। विशेष आर्थिक क्षेत्रों के मामलों में भी राज्य सरकार निर्णय कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिल पिछली तिथि से लागू नहीं होगा, जब संसद से बिल पारित हो जाएगा।

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