'घर वापसी' पर अब खुफिया तंत्र की निगाहें
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आरएसएस और उससे जुड़े संगठन क्रिसमस के दिन संभावित ‘घर वापसी’ कार्यक्रम की तैयारी में लगे हैं। ये लोग देहात का भ्रमण कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो लोगों को ‘घर वापसी’ के लिए राजी कर रहे हैं। साथ ही उनके दिलो-दिमाग से प्रशासन का खौफ भी निकालने में लगे हैं। वहीं, खुफिया तंत्र की निगाहें हिंदूवादियों के साथ देहात के ऐसे कुछ इलाकों पर विशेष रूप से है। चौकीदारों से लेकर लेखपालों तक को सूचना देने का जिम्मा सौंप दिया गया है।
आगामी 25 दिसंबर के संभावित कार्यक्रम को लेकर हिंदूवादी संगठन देहात में भ्रमण भी कर रहे हैं। इन लोगों का खासा जोर ‘घर वापसी’ करने वालों की फेहरिस्त लंबी करना है। वहीं दूसरी ओर अन्य संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पूरी तैयारी करने को तो कहा गया है, लेकिन रणनीति अभी नहीं बताई गई है।
कार्यकर्ताओं को कहां पहुंचने को कहा जाएगा और कार्यक्रम का क्या स्वरूप होगा, यह उन्हें ऐन वक्त पर ही बताया जाएगा। इधर, प्रशासन हर तरह की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। खुफिया महकमा कुछ गांवों की लिस्ट भी तैयार कर रहा है। हाथरस जंक्शन और चंदपा के डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों पर खासी नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा कस्बों में कुछ धार्मिक स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों से कौन संपर्क कर रहा है। इस बारे में भी ठोस जानकारी इकट्ठा की जा रही है। चौकीदारों और लेखपालों तक को इस काम पर लगाया गया है। प्रशासन किसी भी सूरत में यह नहीं चाहता कि उसकी सख्ती में कोई कमी रह जाए और उसका खुफिया नेटवर्क फेल हो जाए।
आयोजकों ने घर जाना छोड़ा
आगामी 25 दिसंबर को प्रस्तावित ‘घर वापसी’ आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और धर्म जागरण समिति के बीच लुकाछिपी की बिसात बिछ गई है। पुलिस द्वारा हिंदूवादी नेताओं के फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए जाने के बाद से धर्म जागरण समिति के सदस्यों ने अपने पुराने मोबाइल नंबरों से बात करना कम कर दिया है।
अंजान नंबरों पर कोई बात नहीं कर रहा। उन्होंने कुछ नए नंबर लेकर बात करनी शुरू कर दी है। वहीं आयोजन समिति के प्रमुख बृजेश कंटक ने घर जाना कम कर दिया है। वह छुपते छुपाते ही कभी-कभार घर जाते हैं और जरूरी काम निपटा कर फिर गायब हो जाते हैं। इनके दूसरे साथियों का भी यही हाल है। आयोजन के प्रमुख राजेश्वर सिंह और दूसरे नेताओं की लोकेशन लेना और उनसे बात करना मुश्किल हो गया है।
गौरतलब है कि रविवार को बिना अनुमति के ओलमा कौंसिल ने हरदुआगंज में सद्भावना सभा व रैली का आयोजन किया था, जिसे प्रशासन ने रुकवा दिया था। प्रशासन ने अपनी सख्ती से सभी को कड़ा संदेश दिया था, जिससे घर वापसी के आयोजक भी हैरत में पड़ गए हैं। सूत्र बताते हैं कि आयोजक गांव-गांव संपर्क कर ऐसे लोगों को ढूंढ रहे हैं, जिनका स्वैच्छिक धर्मांतरण कराया जा सके।
हाल ही में जट्टारी के गांव वालमपुर राजपुर में ऐसे ही आयोजन की तैयारी चल रही थी, लेकिन अमर उजाला में यह खबर छपते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और दूसरे दिन गांव में डेरा डाल दिया। प्रशासन इस झंझट से मुक्ति पा ही नहीं सका था कि अब चंडौस में योगी आदित्यनाथ के स्वागत को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया।
भीड़ जुटाने की कवायद शुरू हो गई। इसकी कमान हिंदू युवा वाहिनी के अलीगढ़ मंडल प्रभारी योगी कौशलनाथ ने संभाली। इस बीच प्रशासन ने आयोजकों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए गांवों में चौकीदार से लेकर लेखपाल को भी जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही स्थानीय खुफिया इकाई भी अपने स्तर से संघ के अनुषांगिक संगठनों पर नजर रखे हुए है।
प्रलोभन से हो रहा है धर्मांतरण
मुस्लिम संगठनों ने धर्मांतरण के विरोध में 21 सदस्यीय संघर्ष समिति गठित की है। यह समिति धर्मांतरण कराने वाले संगठनों के खिलाफ अभियान चलाएगी। जबरन प्रलोभन देकर धर्मांतरण मामले की जानकारी सीएम को देगी। इसे लेकर विभिन्न संगठनों ने सदरभट्टी में बैठक की।
सदरभट्टी स्थित हाजी जमीलउद्दीन के निवास पर मुस्लिम संगठनों की बैठक हुई। शहर के सभी क्षेत्रों से मुस्लिमों को एकजुट कर संघर्ष समिति में शामिल किया। यह समिति राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी और उत्तरप्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के नेतृत्व में काम करेगी।
समिति में संयोजक हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, सह संयोजक हाजी बिलाल कुरैशी और हाजी इकबाल पच्चेकार को बनाया गया। प्रवक्ता सोहेल कुरैशी व मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी अदनान कुरैशी को दी गई है। मलिक अजीम, असलम कुरैशी, हाजी अबरार हुसैन, समी आगाई, शरीफ काले, अहमद हसन, सैयद इरफान सलीम सहित अन्य लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
धर्मांतरण के विरोध में एएमयू छात्र
हिंदू जागरण समिति द्वारा 25 दिसंबर को प्रस्तावित धर्म रक्षा संकल्प यज्ञ एवं हिंदू पंचायत के विरोध में अलीगढ़ के एएमयू में भी माहौल बनने लगा है। एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारी पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन भेजकर इस आयोजन पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं।
छात्रों की निगाहें गृह मंत्रालय के रिस्पांस पर भी हैं। दूसरी तरफ एएमयू के सीनियर छात्र धर्म परिवर्तन एवं सांसद योगी आदित्यनाथ के अलीगढ़ आगमन के विरोध में 19 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद कैंपस में मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं।
इस मार्च को यूनियन पदाधिकारियों का समर्थन प्राप्त है। एएमयू छात्र विरोध मार्च के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर धर्म परिवर्तन तथा सांसद योगी आदित्यनाथ के आगमन पर रोक लगाने की मांग करेंगे। छात्र नेता शाहजेब अहमद का कहना है कि ऐसे आयोजन से शहर का माहौल खराब होगा।
उन्होंने डीआईजी द्वारा धर्म परिवर्तन कार्यक्रम पर रोक लगाने की सराहना भी की। उल्लेखनीय है कि धर्मपरिवर्तन को लेकर महानगर की राजनीति गरमा गयी है। एएमयू में धर्म रक्षा संकल्प यज्ञ एवं हिंदू पंचायत के विरोध में माहौल बनने लगा है।
देश के लिए शहीद भी होने को तैयार
- सैयद मसुदुल हसन, उपाध्यक्ष एएमयू छात्र संघ (हिंदू वादी नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए)