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भूमि अधिग्रहण बिल पर सहमति बनाने के प्रयास तेज
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2013 01:14 AM IST
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यूपीए सरकार ने 2014 की सियासत के लिहाज से अहम भूमि अधिग्रहण विधेयक पर आम सहमति के प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि 18 अप्रैल को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस बिल पर सर्वसम्मति बन जाएगी।
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इससे 22 अप्रैल को शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में यह बिल पारित हो जाएगा। इस बार सभी दलों को मनाने का काम ग्रामीण विकास मंत्री के बजाए संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ कर रहे हैं और उन्हें सफलता भी मिल रही है।
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प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने केंद्र सरकार को बिल पर टकराव का रास्ता छोड़ने का आश्वासन दे दिया है। कई वामपंथी दलों ने भी बिल के मसौदे में आंशिक बदलाव के बाद समर्थन का भरोसा दिया है।
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तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना ने भी बिल के मसौदे पर लिखित रूप से समर्थन का भरोसा दिया है। सरकार के प्रमुख सहयोगी दल सपा और बसपा से भी केंद्र को भूमि अधिग्रहण बिल पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। ऐसे में सरकार को भरोसा है कि 18 अप्रैल को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस विधेयक पर आमराय बन जाएगी।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि बिल के मसौदे में आंशिक बदलाव किए जा सकते हैं। भाजपा की ओर से जो सुझाव मिले हैं, उस पर विचार किया जा रहा है। भाजपा ने मौखिक तौर पर समर्थन का भरोसा दिया है। जद-यू सहित कई वामदलों ने भी विधेयक पर अपनी सहमति जताई है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में आमराय बनने के बाद 22 से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में विधेयक के पारित होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछली दो सर्वदलीय बैठकों में सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक पर आमराय बनाने में नाकाम रही थी। जिसके चलते सभी दलों को मनाने का काम अब संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ कर रहे हैं। विधेयक पर संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों के बाद डेढ़ सौ से अधिक संशोधन किए गए हैं। विधेयक के संशोधित मसौदे को संसद में पेश करने से पहले सरकार सभी प्रमुख दलों से आम राय बनाना चाहती है ताकि विधेयक बिना किसी खास विरोध के पारित हो जाए।