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'हर हाल में दंगे की आग बुझाएगी यूपी सरकार'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 16 Sep 2013 08:07 PM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने और दंगा प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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वहीं केंद्र सरकार ने सर्वोच्च अदालत से कहा कि दंगा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 78 कंपनियां तैनात की गई हैं।
साथ ही यह भी बताया है कि दंगे में मारे गए लोगों में से हर एक के परिवार को प्रधानमंत्री राहत कोष योजना से दो-दो लाख रुपए की सहायता दी जाएगी और गंभीर रूप से घायलों को पचास हजार रुपए मुहैया कराए जाएंगे।
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यह राज्य सरकार की ओर से घोषित दस लाख रुपए की सहायता के अतिरिक्त होगी।
अब तक 44 लोगों की मौत
सर्वोच्च अदालत को दंगा प्रभावित इलाकों के जमीनी हालात का विवरण देते हुए केंद्र ने कहा कि राज्य सरकार के अनुसार हिंसा में 44 लोग मारे गए हैं और 97 अन्य घायल हुए हैं।
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इसके साथ ही इस सिलसिले में अब तक 2462 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। केंद्र ने अदालत को बताया कि शामली और मुजफ्फरनगर में 41,829 लोग फंसे हुए हैं।
चीफ जस्टिस पी.सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यूपी सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सुनवाई को आज टालने की मांग की, जिस पर अनुमति प्रदान करते हुए पीठ ने 19 सितंबर को मामले पर अगली सुनवाई करने का निर्णय लिया।
मालूम हो कि शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया था।
प्रशासन ने कमर कसी
राज्य के गृह विभाग के संयुक्त सचिव ने हलफनामे में अदालत को बताया है कि डीएम और पुलिस अधीक्षक, शामली की ओर से मृतकों और घायलों की भेजी गई सूची के आधार पर आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।
राज्य सरकार ने सहारनपुर और मेरठ मंडल के सभी डीएम को निर्देश दिया है कि अचल व चल संपत्ति के नुकसान का आकलन करें, जिनमें घर और पूजाघर शामिल रहेंगे। इन सभी का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
हलफनामे में कहा गया है कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के मद्देनजर राज्य सरकार ने कई आदेश जारी किए हैं। जिला स्तर के अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम करने के निर्देश इसमें शामिल हैं।
27 मृतकों के परिजनों को मुआवजा
इधर सर्वोच्च अदालत में यूपी सरकार ने हलफनामे के साथ मुजफ्फरनगर दंगा मामले में 13 सितंबर को प्रमुख सचिव गृह को भेजी गई सहारनपुर मंडल के आयुक्त भुवनेश कुमार की रिपोर्ट भी दाखिल की है।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार हरेक मृतक के परिवार को दस लाख, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार व अन्य घायलों को 20-20 हजार रुपए की मदद दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फरनगर से 26,909 और शामली से 14,920 लोग विस्थापित हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक प्रदेश सरकार की ओर से मुजफ्फरनगर दंगे में जान गंवाने वाले 24 लोगों के परिजनों को दो करोड़ 40 लाख रुपए दिए जा चुके हैं।
इसके अलावा गंभीर रूप से घायल 13 लोगों को 6.50 लाख और मामूली रूप से घायल 20 लोगों को चार लाख रुपए दिए जा चुके हैं।
उधर, शामली में हुई हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिजनों को 30 लाख रुपए दिए गए हैं। साथ ही दंगा पीड़ित बच्चों को स्नेहा योजना का लाभ दिया जाएगा।
दंगों में 63 गांव प्रभावित
रिपोर्ट में बताया गया है कि दंगे से मुजफ्फरनगर के 40 और शामली के 23 गांव प्रभावित हुए। यहां से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
इनके लिए मुजफ्फरनगर, शामली और बुधाना में कैंप लगाए गए हैं। सरकार की ओर से मुहैया कराए गए हर बसेरे में एक नोडल व पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
आयुक्त ने रिपोर्ट में कहा है कि हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। राहत कैंपों में खाद्य उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर की समिति का गठन किया गया है।
घायलों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई है और गंभीर रूप से घायल लोगों को मेरठ व दिल्ली के अस्पतालों में भेजा गया है। मुजफ्फरनगर में लोगों को यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए 4.18 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं।