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स्कूल है नहीं, प्रिंसिपल के लिए इंटरव्यू

Fri, 20 Jun 2014 04:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Fri, 20 Jun 2014 04:12 PM IST
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educational fraud in akhilesh government

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चल रहे प्रधानाचार्य के साक्षात्कार में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

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लखनऊ मंडल के लिए चयन बोर्ड की ओर से तैयार सूची में एक ऐसे विद्यालय राजकीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज टिपारा, लखनऊ के पांच शिक्षकों को साक्षात्कार के लिए बुला लिया, जो उस स्थान पर अस्तित्व में ही नहीं है।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी अपनी रिपोर्ट में इस नाम के किसी भी विद्यालय के अस्तित्व में होने से इनकार किया है।

प्रधानाचार्य नियुक्ति में फर्जीवाड़ा

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 2011 में प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के 909 पदों की घोषणा की गई थी।

जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में राजकीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज टिपारा, लखनऊ के अस्तित्व में नहीं होने की रिपोर्ट भेजी गई थी।

प्रधानाचार्यों के साक्षात्कार के दौरान सचिव और उपसचिव के इस पूरी प्रक्रिया से खुद को अलग कर लेने के बाद अध्यक्ष ने आपत्तियों को दर किनार करते हुए इस विद्यालय के पांच शिक्षकों को भी साक्षात्कार के लिए पत्र जारी कर दिया।

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क्या करेगी यूपी सरकार?

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चयन बोर्ड ने राजकीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज टिपारा, लखनऊ के जिन शिक्षकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है उनके नाम और रजिस्ट्रेशन इस प्रकार हैं- डॉ. अशोक कुमार सिंह 01120066, शशिशेखर 01120239, वारिश अली खां 01120425, डॉ. विनय कुमार सिंह 01120464, लक्ष्मीशंकर सिंह 01121361

इस विद्यालय को जिला विद्यालय निरीक्षक ने मौजूदा समय में उस स्थान पर कोई अस्तित्व नहीं होने की बात कही है। इस बारे में चयन बोर्ड के अध्यक्ष आशाराम का कहना है कि प्रधानाचार्यों की ये लिस्ट जिला विद्यालय निरीक्षकों ने भेजा था।

उसी के आधार पर साक्षात्कार की सूची तैयार की गई है, अगर इस विद्यालय के बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट विपरीत है तो इस स्कूल का साक्षात्कार नहीं होगा।

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