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महंगी होगी शिक्षा, फीस बढ़ाने को हरी झंडी

Fri, 14 Dec 2012 09:39 PM IST
नई दिल्ली/बृजेश सिंह
नई दिल्ली/बृजेश सिंह Updated Fri, 14 Dec 2012 09:39 PM IST
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education expensive government cleared to increase fees

केंद्रीय तकनीकी और उच्च शिक्षण संस्थानों में फीस की बढ़ोतरी को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने कहा कि हम फीस वृद्धि किए जाने के पक्ष में इसलिए हैं, ताकि विश्वविद्यालयों में जरूरी पाठ्यक्रमों को संचालित करने में किसी तरह की आर्थिक अड़चन नहीं आए। आईआईटी की सालाना फीस 40 हजार से बढ़ाकर 90 हजार रुपये किए जाने के फैसले पर अंतिम मुहर लगाने के लिए जनवरी में काउंसिल की बैठक होगी।

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योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के ड्राफ्ट में स्पष्ट प्रस्ताव किया है कि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों को अपने फीस स्ट्रक्चर को व्यावहारिक बनाना चाहिए। विभिन्न कोर्स के लिए तय फीस बहुत कम है। संस्थाओं को केंद्रीय मदद घटाने के लिए संबंधित पाठ्यक्रम के संचालन के लिए फीस की दर को संशोधित करना चाहिए। योजना आयोग के इस सुझाव को अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी हरी झंडी दे दी है।
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आईआईटी सहित विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालय व अन्य केंद्रीय शिक्षण संस्थान फीस बढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में दो माह पहले ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में फीस वृद्धि हो चुकी है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि किए जाने के लिए छात्रों से विचार विमर्श किया जा रहा है।
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जेएनयू के कुलपति एस.के. सपोरी ने कहा कि अधिकांश छात्रों को हर महीने जितनी फेलोशिप मिलती है उस हिसाब से फीस बहुत कम है। फीस बढ़ाई जा सकती है लेकिन कितनी, इस पर हम छात्रों तथा शिक्षकों से बातचीत कर रहे हैं। हमें गरीब छात्रों का ध्यान भी रखना होगा।


पल्लम राजू ने इस बारे में कहा कि हमारा मकसद छात्रों पर अनावश्यक भार डालकर संस्थानों की आमदनी बढ़ाना नहीं है लेकिन बेहतर शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जहां जरूरी है फीस वृद्धि की जाएगी। फंड के अभाव में लाइब्रेरी तथा प्रयोगशालाओं को प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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