शाह-आजम की सफाई खारिज, जारी रहेगा प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने भाजपा नेता अमित शाह और उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में मंत्री आजम खां की सफाई को खारिज कर दिया है। आयोग ने सफाई में पेश किए गए तर्कों को अपर्याप्त मानते हुए भड़काऊ बयान देने के मामले में दोनों नेताओं की निंदा की है।
आयोग ने दोनों नेताओं पर लगाए गए प्रतिबंध के मामले में इन आदेशों में कोई जिक्र नहीं किया है जिससे यह माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों नेताओं पर रोड शो, रैली या जनसभा करने पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा।
अमित शाह का जवाब लगा अपर्याप्त
चुनाव आयोग ने अमित शाह को बिजनौर, शामली तथा मुजफ्फरनगर में चुनावी सभा के दौरान दंगों को लेकर दिए गए भड़काऊ बयानों को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए नोटिस भेजा था। आयोग ने नौ अप्रैल तक जवाब देने को कहा था।
नौ अप्रैल को शाह की ओर से शिकायत से संबंधित सीडी मांगी गई थी। आयोग ने सीडी मुहैया कराने के साथ ही उन्हें 12 अप्रैल तक जवाब देने को कहा।
अमित शाह की ओर से 12 अप्रैल को मिले जवाब को अपर्याप्त मानते हुए आयोग ने कहा है कि उनका बयान बेहद भड़काऊ तथा दो समुदायों के बीच हिंसा फैलाने वाला था। आयोग ने इस गलती के लिए उनकी निंदा की है।
आजम के जवाब से आयोग नहीं संतुष्ट
इसी तरह आजम खां को भी आयोग ने रामपुर तथा गाजियाबाद में भड़काऊ भाषण देने के मामले में नोटिस देकर 11 अप्रैल तक जवाब मांगा था। आजम के जवाब से भी आयोग संतुष्ट नहीं है।
आयोग का मानना है कि उनका बयान दो समुदायों के बीच घृणा फैलाने वाला था। बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने उनके इस कृत्य की निंदा की है।
चुनाव आयोग इससे पहले इन दोनों नेताओं के चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होने पर रोक लगा चुका है। आयोग के सूत्रों का दावा है नोटिस के जवाब को देखते हुए दोनों नेताओं पर भविष्य में भी प्रतिबंध जारी रहने की उम्मीद है।