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महाराष्ट्र-हरियाणा में चुनाव की तारीख घोषित

Fri, 12 Sep 2014 05:47 PM IST
Updated Fri, 12 Sep 2014 05:47 PM IST
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eci declared date of assembly election in maharashtra and haryana

महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है। हरियाणा और महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को चुनाव होंगे। एक दिन में सारे चुनाव करा लिए जाएंगे। महाराष्ट्र में 288 सीटों पर चुनाव होने हैं जबकि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा।

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मुख्य चुनाव आयोग प्रमुख वी.एस.संपथ ने बताया कि महाराष्ट्र में 8 करोड़ 25 लाख वोटर हैं, वहीं हरियाणा में 1 करोड़ 61 लाख वोटर हैं। हरियाणा में 16244 पोलिंग स्टेशन और महाराष्ट में 90,403 पोलिंग स्टेशन पर वोट डाले जाएंगे।
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20 सितंबर को इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 27 सितंबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 1 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। 15 अक्टूबर को चुनाव होंगे। एक दिन में सारे चुनाव करा लिए जाएंगे।
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वहीं 19 अक्टूबर को दोनों राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आ जाएंगे।

कांग्रेस इज्जत बचा पाएगी?

eci declared date of assembly election in maharashtra and haryana

चुनावों की घोषणा होते ही हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनेगी। महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों जगहों पर कांग्रेस की सरकार है। वहीं केंद्र में एनडीए की सरकार की आने के बाद इस बार दोनों राज्यों में विधानसभा चुनावों में भारी उलटफेर की संभावना जताई जा रही है।

महाराष्ट्र में इस समय मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पर कांग्रेस को जिताने का भारी दबाव है। वहीं इस बार चुनावों में कांग्रेस को भाजपा-शिवसेना तगड़ी टक्कर देने जा रहे हैं।

वहीं हरियाणा में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के दौरान तगड़ा झटका लग चुका है। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ऊपर इस बार काफी दबाव होगा।

भ्रष्टाचार से लेकर विपक्षी दल इनेलो और भाजपा वहां तगड़े प्रतिद्वंद्वी के तौर पर सामने हैं। कांग्रेस को चुनावों से पहले थोड़ी राहत तब मिली, जब सीटों को लेकर इनेलो और भाजपा में गठबंधन नहीं हो पाया।

वहीं ‌हरियाणा में कांग्रेस के कई बागी नेता पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इस तरह से भाजपा को ताकत मिली है।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। करारी हाल के चलते कांग्रेस का कई राज्यों से सूपड़ा साफ हो गया था। इसके चलते कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें ही मिल पाई थी।

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