चुनाव आयोग पहली बार कर रहा ये काम
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मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश पर वाराणसी के जिलाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी प्रांजल यादव के खिलाफ भाजपा की शिकायतों की दुबारा जांच होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को यह जांच करने को कहा गया है। लखनऊ से रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगा।
इसी के साथ आयोग ने अतिसंवेदनशील वाराणसी लोकसभा सीट पर तमिलनाडु के सीईओ टी प्रवीण कुमार को विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजने का फैसला किया है।
भाजपा-चुनाव आयोग आमने सामने
मोदी की चुनावी सभा के लिए अनुमति नहीं मिलने के बाद भाजपा ने वाराणसी के जिला निर्वाचन अधिकारी पर पक्षपात पूर्ण फैसले लेने के गंभीर आरोप तथा उन्हें तत्काल स्थानांतरित किए जाने की मांग की थी।
इसी मुद्दे पर भाजपा ने वाराणसी से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन किया था। चुनाव आयोग पर भी मोदी व भाजपा ने पक्षपात का आरोप लगाया। लेकिन आयोग ने यादव के फैसले को सही मानते हुए उनका तबादला करने से मना कर दिया।
आयोग ने अब फिर से भाजपा के आरोपों की जांच उत्तर प्रदेश के सीईओ उमेश सिन्हा से करने को कहा है। सीईओ की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग इस मामले में कार्रवाई करेगा।
चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला
चुनाव आयोग ने हाई प्रोफाइल वाराणसी सीट पर तमिलनाडु के सीईओ टी प्रवीण कुमार को विशेष पर्यवेक्षक तैनात करने का फैसला लिया है।
चुनावी इतिहास में पहली बार किसी राज्य में दूसरे राज्य के सीईओ को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा रहा है। आयोग वाराणसी को लेकर हुए भाजपा के हंगामे के बाद आगे किसी तरह के विवाद पर विराम लगाने के लिए अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।