फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ec orders probe against rahul gandhi for wrong information

राहुल गांधी के खिलाफ जांच का आदेश

Sat, 17 Nov 2012 10:07 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 17 Nov 2012 10:07 PM IST
विज्ञापन
ec orders probe against rahul gandhi for wrong information

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ शपथ पत्र में अपनी संपत्ति की सही जानकारी नहीं देने की शिकायत की जांच अमेठी के जिलाधिकारी करेंगे। अमेठी के जिलाधिकारी यह जांच वर्ष 2009 में रिटर्निंग अफसर के नाते करेंगे।

विज्ञापन


जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने निर्वाचन आयोग से राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। स्वामी की शिकायत पर आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी को यह निर्देश दिया है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि स्वामी ने 31 अक्तूबर को निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि वर्ष 2009 के चुनाव में राहुल गांधी ने अमेठी से चुनाव लड़ते समय अपनी संपत्ति के संबंध में जो शपथ पत्र दिया था, उसमें उन्होंने अपनी संपत्ति का सही विवरण नहीं दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वामी ने आरोप लगाया कि राहुल ने अपने विवरण में किसी भी कंपनी का शेयर डिवेंचर अपने नाम नहीं होने की बात कही थी जबकि उनके नाम एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कंपनी के वर्ष 2008 में तीन लाख से ज्यादा शेयर थे। बाद में कुछ शेयर उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी के नाम ट्रांसफर कर दिए।

स्वामी ने पत्र में यह भी दावा किया कि वर्ष 2011 में कंपनी ने स्पष्ट किया है कि  262411 शेयर प्रियंका गांधी के नाम ट्रांसफर करने के बाद भी राहुल के नाम 47513 शेयर हैं। स्वामी का दावा है कि राहुल ने 2009 में निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए शपथ पत्र में इसकी जानकारी नहीं दी थी। इसी तरह एक अन्य कंपनी बैकाप्स सर्विसेज लिमिटेड में भी उनके निदेशक होने तथा कंपनी के शेयरों की जानकारी छिपाने का आरोप है।


निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव आरके श्रीवास्तव ने 15 नवंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पत्र भेजकर कहा है कि संबंधित मामला सीआरपीसी की धारा 195 के तहत रिटर्निंग अफसर के अधिकार क्षेत्र में आता है। शपथ पत्र में गलत तथ्यों की जानकारी देने के मामले में शिकायत मिलने पर रिटर्निंग अफसर (जिलाधिकारी) को मामले की जांच करने व उचित कार्रवाई का अधिकार है। इस पत्र के साथ स्वामी की शिकायत को भी सीईओ को भेज दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed