बयान पर बवालः चुनाव आयोग ने कसा अमित शाह पर शिकंजा
भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खास अमित शाह को चुनाव आयोग ने मुजफ्फरनगर में बदला लेने संबंधी उनके बयान को लेकर अपने घेरे में ले लिया है।
आयोग ने शाह के बयान को प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी कर 9 अप्रैल तक जवाब मांगा है।
यूपी पुलिस शाह के खिलाफ दो एफआईआर पहले ही दर्ज कर चुकी है और अब चुनाव आयोग ने इसका संज्ञान लिया है। कांग्रेस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी भाजपा महासचिव को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी न होने पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग ने तीन अप्रैल को बिजनौर, शामली तथा चार अप्रैल को मुजफ्फरनगर में अमित शाह के बयान वाले वीडियो की जांच की है। आयोग ने बयानों को प्रथम दृष्टया आचार संहिता का उल्लंघन माना है।
इसके चलते उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं इस मामले में अमित शाह के साथ यूपी की सपा सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने सपा और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के सहारनपुर के प्रत्याशी इमरान मसूद ने भड़काऊ भाषण दिया तो मुकदमा दर्ज होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि अमित शाह के खिलाफ दो-दो मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है।