भूकंप से नेपाल, बिहार में फिर तबाही, 85 की मौत
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कुदरत का कहर झेल रहे नेपाल में मंगलवार को एक बार फिर जोरदार भूकंप आया और इसे उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों के साथ आंध्र प्रदेश तक महसूस किया गया। दोपहर 12.35 बजे रिक्टर पैमाने पर 7.3 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद दो घंटे के भीतर लगातार सात झटके आए। इससे तबाह जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटे नेपाल सहित भारत के कई राज्य दहल गए। दोनों देशों में अब तक करीब 85 लोगों की मौत हुई है।
नेपाल में 57 लोग मारे गए हैं जबकि 1100 से अधिक घायल हुए हैं। इधर, बिहार में 18 और उत्तर प्रदेश में दस लोगों की जान चली गई। गोरखपुर और बस्ती मंडलों में सात, भदोही, गाजीपुर में एक-एक और हमीरपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
चीन के तिब्बत में भूकंप के कारण एक महिला की मौत हो गई। राजधानी काठमांडू से उत्तर-पूर्व में स्थित पहाड़ी जिलों में ताजा भूकंप से सबसे अधिक तबाही हुई है। पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश और चीन में भी भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए।
ताजा झटकों के बाद भारी दहशत
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक मंगलवार को भूकंप का केंद्र काठमांडू से 83 किमी दूर माउंट एवरेस्ट के करीब जमीन से 15 किमी नीचे था। शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई थी, लेकिन बाद में इसे 7.3 बताया गया।
पिछले भूकंप में बुरी तरह तबाह नेपाल के दोलखा और सिंधुपालचौक जिले में व्यापक असर दिखा। दोलखा जिले में ही 19 लोगों की मौत हुई है। नेपाल के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद ढकाले ने कहा कि अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1117 लोग घायल हुए हैं।
पिछले महीने 7.9 की तीव्रता से आए भूकंप के बाद खुले आसमान के नीच जीवन बिता रहे लोगों में ताजा झटकों के बाद भारी दहशत है। उस भूकंप ने नेपाल में आठ हजार से अधिक जिंदगियां निगल ली थीं। नेपाल के नेशनल इमर्जेंसी ऑपरेशन सेंटर ने कहा है कि सभी उपलब्ध हेलीकॉप्टरों के साथ मेडिकल व एसएसआर टीमें दोलखा और सिंधुपालचौक भेजी जा रही हैं।
भूकंप पर पीएम मोदी ने की समीक्षा बैठक
पीएम ने की स्थिति की समीक्षा
नेपाल और देश के कई राज्यों में आए भूकंप के ताजा झटकों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक कर संबंधित प्राधिकारों को जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मंत्रालय राज्यों से नुकसान की रिपोर्ट हासिल करने में जुटा है और एनडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है।
कुछ सप्ताहों तक आ सकते हैं झटके
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौर ने कहा है कि इस ताजा भूकंप के बाद अगले कुछ सप्ताहों तक हल्के झटके आ सकते हैं। मंगलवार को 7.3 की तीव्रता से आए भूकंप के बाद पांच से अधिक तीव्रता के छह झटके महसूस किए गए। करीब 1:05 बजे दोलखा और सिंधुपालचौक में 6.2 की तीव्रता वाला भूकंप भी शामिल है। 25 अप्रैल के भूकंप के बाद 160 से अधिक झटके आए थे।
भारतीय वायु सेना के आठ हेलीकॉप्टर मौजूद
नेपाल में भारतीय वायु सेना के आठ हेलीकॉप्टर मौजूद हैं और उनमें से एक ने ताजा झटकों के तुरंत बाद क्षति का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण भी किया। नेपाल के एक मात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया।
राजधानी काठमांडू में जोरदार झटके महसूस किए गए और लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। पिछले भूकंप की तबाही देखने वाले कुछ लोग रोने-चिल्लाने लगे। प्रशासन ने लोगों से खुले में रहने की अपील की है और स्कूलों को अगले दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। काठमांडू में भूकंप के कारण आधा दर्जन घर ढह गए हैं। अस्पतालों में इलाज करवा रहे भूकंप पीड़ितों को व्हील चेयर पर बाहर निकाला गया।
बिहार में बड़ी तबाही, 18 की मौत
बिहार में मंगलवार को आए भूकंप के तीन झटकों के कारण जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। अब तक 18 लोगों के मरने और 35 से अधिक के घायल होने की जानकारी मिली है। तीन दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। नेपाल से सटे उत्तरी बिहार के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पटना में तीन, दरभंगा, छपरा व मधेपुरा में 2-2, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, दानापुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सहरसा व सीवान में एक-एक व्यक्ति की मौत की सूचना है।
नेपाल के अनुरोध के बिना नहीं जाएंगी बचाव टीमें
नेपाल में आए ताजा भूकंप के बाद भारत बिना अनुरोध के पड़ोसी देश में कोई बचाव और राहत टीम नहीं भेजेगा। सूत्रों के मुताबिक सरकार कोई भी बचाव टीम नेपाल भेजने से पहले पड़ोसी देश की सरकार के अनुरोध का इंतजार करेगी। सरकार का यह निर्णय 25 अप्रैल को आए भूकंप के 10वें दिन नेपाल द्वारा भारत सहित सभी विदेशी राहत टीमों को अचानक स्वदेश लौटाने को कहने को देखते हुए अहम माना जा रहा है।
हालांकि, सरकार ने एनडीआरएफ और वायु सेना को लगातार अलर्ट रहने को कहा गया है। ध्यान रहे कि 25 अप्रैल को आए भूकंप के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय राहत टीमें काठमांडू पहुंच गई थीं। केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राहत टीम भेजने के मसले पर चर्चा हुई लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका।
दिल्ली और नेपाल में कंट्रोल रूम बना
भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली और काठमांडू में कंट्रोल रूम बनाया है। 25 अप्रैल को आए भीषण भूकंप के बाद काठमांडू के कंट्रोल रूम को फिर से खोला गया है। इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ताजा भूकंप के बाद काठमांडू में भारतीय दूतावास और वहां काम करने वाले कर्मचारी सभी सुरक्षित हैं।
हैदराबाद तक महसूस किए झटके
नेपाल और देश के उत्तरी और पूर्वी राज्यों में तबाही मचाने वाले ताजा भूकंप के झटके दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश तक में भी महसूस किए गए। हालांकि, भारतीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि दिल्ली, बिहार, असम, पश्चिम बंगला, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्के झटके महसूस किए गए।