पहले सीबीआई जांच से इनकार, अब शिवराज ने खुद को दिया श्रेय
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यापम घोटाले और इससे जुड़ी मौतों की सीबीआई जांच शुरू होने का श्रेय खुद को दिया है। चौहान ने कहा कि उनके सीने से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है और वह काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस नैतिकता की दुहाई देकर चौहान से कुर्सी छोड़ने की मांग कर रही है। इस सिलसिले में उसने आगामी 16 जुलाई को प्रदेश बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस चूंकि पहले से सीबीआई जांच की मांग करती रही है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने यह जताने की कोशिश की कि सीबीआई जांच भी उनके ही आग्रह पर हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘सुनने में आपको अटपटा लग सकता है, लेकिन सच बात यह है कि व्यापम की जांच कराने के लिए मैं खुद अपनी सराहना करता हूं।’
जनता मुझसे प्यार करती है
भोपाल हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्होंने लगे हाथ मीडिया को ये भी बता दिया
कि, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच को लेकर राज्य सरकार के रवैये की सराहना
की है।
चौहान ने फिर दोहराया कि हाईकोर्ट की निगरानी में जांच ठीक दिशा में
चल रही थी, लेकिन कांग्रेस ने ऐसा संदेह का वातावरण बनाया और आरोप लगाए
हैं कि जिनकी जांच जरूरी है। जहां तक उनके इस्तीफे का प्रश्न है, तो
कांग्रेस दिन में तीन बार यह मांग करती है, क्योंकि जनता मुझसे प्यार करती
है।
लेकिन इस बात का दुख है कि कांग्रेस ने मुझसे बदला लेने के लिए मध्य
प्रदेश को पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया। राज्यपाल के मामले में टिप्पणी
करने से इनकार करते हुए चौहान ने कहा कि उनकी व्यापम मामले में
प्रधानमंत्री या किसी अन्य नेता से कोई बात नहीं हुई है। न ही वह किसी दबाव
में हैं।
क्या अर्जुन सिंह ने दिया था इस्तीफा?
उधर, व्यापम मामले में कई मौतें होने के कारण चौहान के
इस्तीफे की मांग करने वाली कांग्रेस पर गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने पलटवार
किया।
उन्होंने कहा, ‘भोपाल गैस त्रासदी में पांच हजार लोग मारे गए थे, तो
क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि सीबीआई जांच का स्वागत है,
लेकिन चौहान के मुख्यमंत्री रहते निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
लिहाजा उनकी पार्टी 16 जुलाई को इस मांग के समर्थन में प्रदेश बंद का आवाहन
कर रही है।