मोदी के जयापुर में क्रांति, सुनकर आप करेंगे गर्व
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे कुछ युवाओं ने खुद पढ़ने के साथ-साथ गांवों के हमउम्र युवाओं को भी पढ़ाई में मदद की पहल की है। ये युवा शहर से वे गांव में जाएंगे और वहां के युवक-युवतियों को कॅरियर संवारने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का आदर्श गांव जयापुर भी इन युवाओं की मुहिम का हिस्सा बनेगा।
गांव में अगले हफ्ते तक ई-लाइब्रेरी खोलने की तैयारी है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के इन छात्र-छात्राओं ने ‘होप वेलफेयर’ नामक एक ट्रस्ट बनाया है, जिसकी देखरेख में ई-लाइब्रेरी संचालित होगी।
ट्रस्ट के सदस्य सोमवार को गांव की प्रधान दुर्गावती देवी से मिले और उन्हें पूरी योजना बताई। सदस्यों ने गांव में लाइब्रेरी खोलने के लिए स्थान मांगा और कहा कि लाइब्रेरी में हर आयु वर्ग के लोगों के लिए पुस्तकें होंगी।
इसके अलावा आईएएस, पीसीएस, बैंकिंग एवं मेडिकल परीक्षा की तैयारी से जुड़ी किताबें और पेपर भी यहां मुहैया होंगे। हर संडे को ट्रस्ट के सदस्य गांव में आएंगे और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों की मदद करेंगे। ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि बुजुर्गों के लिए लाइब्रेरी में धार्मिक साहित्य भी मुहैया होगा। कोचिंग से लेकर लाइब्रेरी तक सब कुछ नि:शुल्क होगा।
पॉकेट मनी से चलता है ट्रस्ट
तीन जनवरी 2015 को होप वेलफेयर ट्रस्ट का गठन हुआ। ट्रस्ट में इस समय बीएचयू और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुल 70 छात्र-छात्राएं सदस्य हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ट्रस्ट का संचालन उनकी पॉकेट मनी से होता है। टीम के सभी सदस्य 25 से 35 साल के हैं।
इनमें लड़कियों की संख्या 30 के आसपास है। मूल रूप से छपरा (बिहार) के रहने वाले रवि मिश्रा टीम लीडर हैं जबकि कनिष्क करण सिंह, देवांशु, अभय, अभिषेक पांडेय, जितेंद्र उर्फ फौजी, कृष्णा, सबा परवीन, निरुपमा, अर्चना सिंह, सीमा पाठक, नेहा, दीक्षा और नसीन की ट्रस्ट में अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं।
'गांव के बच्चों को कोचिंग के लिए अब बाहर नहीं जाना होगा। होप वेलफेयर ट्रस्ट ने गांव में ई-लाइब्रेरी खोलने के लिए स्थान मांगा है। जल्द ही इसकी व्यवस्था कराई जाएगी। जहां गांव के बच्चे नि:शुल्क पढ़ेंगे और आईएएस, पीसीएस की तैयारी करेंगे।'
--- दुर्गावती देवी, ग्राम प्रधान, जयापुर
'गांव में एक ऐसी लाइब्रेरी खोलेंगे जहां किताबों के साथ ही इंटरनेट की सुविधा भी होगी। ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के साथ-साथ नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को भी फायदा हो। जॉब के लिए वे यहीं से आनलाइन फार्म भर सकें।'
--- रवि मिश्रा, संस्थापक (होप वेलफेयर ट्रस्ट)
जयापुर को संवारने इंग्लैंड भी आया साथ
प्रधानमंत्री मोदी के आदर्श गांव जयापुर को संवारने के लिए इंग्लैंड आगे आया है। इंग्लैंड की कंपनी फर्स्ट स्टेट इन्वेस्टमेंट के तीन नुमाइंदे सोमवार को गांव पहुंचे और वहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। लोगों से मिले और उनसे बातचीत की। हालांकि, उन्होंने गांव आने का मकसद तो नहीं बताया लेकिन इतना जरूर कहा कि उनकी कंपनी गांव के विकास में अपना योगदान करना चाहती है।
गांव की प्रधान के प्रतिनिधि नारायण पटेल ने बताया कि यूके की एक निवेशक कंपनी का तीन सदस्यीय दल गांव में आया था। दल में जाला नोवान, एम. मैथ्यूज और ओलीवर कैंपबेल शामिल रहे। इन्होंने गांव में बने नए आंगबाड़ी केंद्र नंद घर, निर्माणाधीन सोलर प्लांट, मुसहर बस्ती अटल नगर का दौरा किया। इस दौरान वे गांव के कुछ लोगों से मिले और उनकी जरूरतों के बारे में पूछा भी।
गांव की प्रधान दुर्गावती देवी से भी विदेशी दल ने मुलाकात की और बिजली-पानी, सड़क सुधार के चल रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी हासिल की। विदेशी दल के साथ आए नितिन भसीन ने नारायण पटेल से गांव की जरूरतों के बाबत चर्चा की। पटेल ने गांव में कन्वेंशन सेंटर और मल्टीपरपज हाल की जरूरत सामने रखी। कहा कि इसके बनने से गांव वालों को सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक किसी भी तरह के कार्यक्रमों को करने में सहूलियत होगी।