सड़क पर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य मंत्री बेपरवाह
तेलांगना में स्वाइन फ्लू से निपटने के स्वास्थ्य उपायों का जायजा लेने निकले स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मण रेड्डी ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।
हैरानी भरी बात यह है कि मंत्री जी के दौरे के दौरान एक मरीज अस्पताल के बाहर सड़क पर तड़पता रहा मगर उस पर मंत्री जी की नजर तक नहीं पड़ी। गौरतलब है कि इन दिनों भारत का 29वां राज्य तेलांगना स्वाइन फ्लू की चपेट में है।
लक्ष्मण रेड्डी का बतौर स्वास्थ्य मंत्री यह पहला ही दिन था और वो अपने तमाम अधिकारियों के साथ निरीक्षण पर निकले, लेकिन उन्हें अस्पताल के ठीक बाहर सड़क पर लेटा एक मरीज नजर तक नहीं आया। रेड्डी और उनके तमाम अधिकारियों ने उस मरीज को पूरी तरह से नजरअंदाज किया।
(साभार: मेल ऑनलाइन)
मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं मंत्री
हैदराबाद शहर के ओस्मानिया जरनल अस्पताल के दौरे पर निकले रेड्डी ने अस्पताल में मरीजों के लिए उपयोग में लाई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और उन सेवाओं में किए जाने वाले सुधारों पर अपने आला-अधिकारियों गंभीरता से बात की।
अस्पताल के ठीक बाहर लेटे एक तड़पड़े हुए मरीज को पूरी तरह से नजरअंदाज करने के कारण स्वास्थ्य मंत्री को अब आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब मंत्री जी भी इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री से स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए थे रेड्डी
लक्ष्मण रेड्डी के पास पहले ऊर्जा मंत्रालय का जिम्मा था, लेकिन जल्द ही उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय भेज दिया गया। हालांकि बतौर स्वास्थ्य मंत्री वो राज्य में स्वाइन फ्लू की महामारी से निपटने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक हैदराबाद में स्वाइन फ्लू के चलते अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों मरीजों के इसकी चपेट में आने की भी खबर है, इस बीमारी की चपेट में आने में पांच बच्चे भी शामिल हैं।
मंत्री जी बोले सफाई पर ध्यान दें अस्पताल
राज्य में स्वाइन फ्लू के मरीजों को अच्छे से उपचार देने और अन्य लोगों को इस बीमारी की चपेट में आने से रोकने के चलते ऐसे मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग कमरों और बेड का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इन नए अस्पतालों में नीलोफर, फीवर और उस्मानिया जरनल अस्पताल शामिल हैं। उस्मानिया में खुद स्वास्थ्य मंत्री जी ने दौरा किया था। अपने दौरे के दौरान मंत्री जी ने अस्पताल कर्मचारियों से कहा कि सफाई पर ज्यादा जोर दिया जाए। आपको बता दें कि मंत्री जी ने मौजूदा अस्पतालों में मुर्दाघरों और शौचालयों को और आधुनिक बनाए जाने का वादा किया था।