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'डमी टेस्ट' से लगेगी कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Fri, 12 Oct 2012 01:52 PM IST
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कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बनाए गए पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों को अब जेल की हवा खिलाने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित कर डमी टेस्ट कराए जाएंगे। डमी टेस्ट में फंसने वालों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत तथा झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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कैसे होगा डमी टेस्ट
कहा जा रहा है कि डमी टेस्ट के तहत नकली कस्टमर बनकर भ्रूण टेस्ट कराने के लिए इस टीम के लोग जाएंगे। अगर साबित होता है कि फलां अल्ट्रासाउंड संचालक भ्रूण की पहचान बताने पर राजी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अलीगढ़ मंडल के अपर निदेशक डॉ. लल्लन प्रसाद ने गुरुवार को डमी टेस्ट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि अल्ट्रासाउंड संचालकों के पास डमी टेस्ट कराए जाएं। डमी टेस्ट में यदि भ्रूण की जांच करने की बात सामने आए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही गर्भसमापन केंद्रों पर भी कन्या भ्रूण हत्या के नाम पर डमी टेस्ट कराए जाएं। ऐसा करने पर ही कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगेगा।
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अपर निदेशक ने नसबंदी कार्यक्रम में छह माह में मात्र दो फीसदी उपलब्धि पर नाराजगी जताई। उन्होंने टीकाकरण की 40 फीसदी उपलब्धि को असंतोषजनक करार दिया। टीकाकरण में हाथरस 44 फीसदी उपलब्धि हासिल कर टॉप पर तो अलीगढ़ 39 फीसदी उपलब्धि पाकर तीसरे पायदान पर और एटा 35 फीसदी पर फिसड्डी है।
क्या है पीसीपीएनडीटी एक्ट
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट बनाया गया। इसके तहत गर्भ में भ्रूण की जांच तथा कन्या भ्रूण होने पर प्रसव पूर्व तकनीक निदान पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके साथ ही गर्भधारण करने से पूर्व शर्तिया बेटा होने का इलाज करने के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अलावा सभी अल्ट्रासाउंड संचालकों को अपने यहां भ्रूण के लिंग परीक्षण पर प्रतिबंध संबंधी बोर्ड लगाना पड़ता है। साथ ही अल्टासाउंड मशीनों का सीएमओ के यहां पंजीकरण होता है। बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन जुर्म है।
दंड
-गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण करने वाले डॉक्टरों पर पहली बार में एक लाख रुपये का जुर्माना।
-दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच लाख जुर्माना व दस साल तक की सजा।