ताजमहल पर पीछे से आ रहे कीट पतंगे, खूबसूरती को खतरा
दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल के पीले पड़ते रंग और उसके पीछे बह रही नदी यमुना के सूखने के कारण ताजमहल की नींव कमजोर होने की खबरों के बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) के साइंस डिपार्टमेंट ने नई चिंता की ओर ध्यान दिलाया है।
एएसआई ने ताजमहल के पीछे तेज रोशनी की व्यवस्था पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इसकी वजह से कीट पतंगे ताज की ओर आते हैं और फिर सफेद संगमरमर पर हरे और काले रंग के धब्बे छोड़ जाते हैं।
बताते चलें कि ताज के पिछले हिस्से में सुरक्षा कारणों से तेज रोशनी की व्यवस्था की है लेकिन एएसआई का कहना है कि इसकी वजह से कीट-पतंगे चले आते हैं जो ताज की सफेदी के लिए खतरा बन रहे हैं।
लिए गए हैं नमूने
एएसआई ने इस संबध में जहां मुख्यालय को पत्र लिखा है वहीं सीआईएसएफ से जल्द ही तेज रोशनी को बंद करने के लिए भी कहा है।
इस संबंध में एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी का लेप लगाकर इमारत के रंग को सही करने के इंतजाम किए जा रहे हैं लेकिन तेज रोशनी की वजह से आने वाले कीट-पतंगे सब बेकार कर रहे हैं।
एएसआई के साइंस डिपार्टमेंट के अधिकारी एम.के भटनागर के मुताबिक 'तेज रोशनी के कारण बड़ी संख्या में कीट पतंगे ताज की ओर आ रहे हैं। रात के समय सफेद रंग उन्हें प्रायः आकर्षित करता है और वे जहां भी बैठते हैं उसके पीछे हरे और काले धब्बे छोड़ जाते हैं।' एएसआई ने कीट पतंगों द्वारा छोड़े गए धब्बों का अध्ययन करने के लिए उनके नमूने भी लिए है।