नीतीश ने पेश किया दावा, मांझी ने मांगा वक्त
नीतीश की राज्यपाल से मुलाकात के बाद जीतनराम मांझी ने राज्यपाल से तीन बजे दोबारा
इससे पहले मांझी को पार्टी से बर्खास्त किए जाने के बाद जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
इस दौरान नीतीश के साथ शरद यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी और वशिष्ठ नारायण के साथ उनके समर्थन में करीब 130 विधायक भी मौजूद थे।
इस मौके पर नीतीश कुमार ने कहा है', हमने राज्यपाल को मिलकर बता दिया है कि हमारे पास बहुमत है और विधायक साथ आए हैं, वे चाहें तो गिन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है।' उन्होंने कहा कि टालमटोल करने पर हम दिल्ली जाएंगे और वहां राष्ट्रपति के सामने विधायकों की परेड कराएंगे।
वहीं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को साफ साफ बता दिया कि नीतीश कुमार को नेता चुन लिया गया है। अब बिना किसी देरी के नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए।
जिद पर अड़े मांझी बर्खास्त
बिहार की सत्ता को लेकर कई दिन से चल रहा राजनैतिक संकट अब और गहरा गया है। मुख्यमंत्री बने रहने की अपनी जिद पर अड़े मांझी को जदयू ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने बताया कि पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि मांझी के कहने पर शरद यादव ने विधायक दल की बैठक बुलाई लेकिन मांझी ने उसमें भाग लेने की बजाए बैठक को ही असंवैधानिक बताया था।
वहीं मांझी ने जेडीयू से निकाले जाने के बावजूद भी मांझी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। जबकि केसी त्यागी ने बताया कि उनकी पार्टी राज्यपाल से मिलकर 48 घंटे के अंदर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के पद की शपथ दिलाएगी।
मांझी को मिला 48 घंटे का समय
नीतीश कुमार का दावा है कि उनके पास सरकार बनाने के लिए 130 विधायकों का समर्थन प्राप्त है जो बहुमत के लिए काफी है।
लेकिन अब बिहार में नई सरकार बनाने को लेकर संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है क्योंकि अगर मांझी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते तो नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेना कितना जायज होगा।
केसी त्यागी ने कहा कि अगर मांझी इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें 48 घंटे के अंदर अपना बहुमत साबित करना होगा। इसके बाद ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बन सकेगी।