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डीआरडीओ भी बना सकता है वीवीआईपी हेलीकॉप्टर
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 20 Feb 2013 08:33 PM IST
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अगस्ता वेस्टलैंड से 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद करार को रद्द किए जाने की संभावनाओं के बीच रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को कहा कि उसके पास ऐसे हेलीकॉप्टरों के निर्माण की क्षमता है। हालांकि उन्होंने यह कहा कि कि स्वदेश में हर किसी चीज का उत्पादन करना पूरी तरह से अव्यवहारिक है।
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डीआरडीओ प्रमुख वीके सारस्वत ने दावा किया कि हम किसी भी प्रणाली के निर्माण करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि हम लाइट कॉम्पैक्ट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) का निर्माण पहले से ही कर रहे हैं। इसके अलावा हमने अपने खुद के एयरक्राफ्ट का भी निर्माण किया है। किसी भी उन्नत प्रौद्योगिकी प्रणाली के निर्माण की योग्यता और क्षमता की कोई कमी नहीं है।
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सारस्वत से यहां एक सेमिनार से इतर सवाल पूछा गया कि क्या डीआरडीओ अगस्ता वेस्टलैंड एडब्ल्यू-101 की तरह वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर सकता है, तो उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर हम ऐसे हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर सकते हैं। वीवीआईपी लोगों के लिए अगस्ता वेस्टलैंड से 3600 करोड़ के हेलीकॉप्टर खरीद संबंधी डील में कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने के मामले के बीच डीआरडीओ प्रमुख का यह बयान खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सारस्वत ने कहा कि देश में सुई से लेकर एक एयरक्राफ्ट का निर्माण करने की क्षमता है लेकिन इससे उत्पाद के लागत मूल्य में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर आपको कोई वस्तु 20 की संख्या में चाहिए और उसका निर्माण करने के लिए एक हजार करोड़ का उपक्रम लगाना पड़ रहा है, तो मैं समझता हूं यह बिल्कुल व्यर्थ है। इसलिए वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के दौर में यह कहना कि जरूरत की हर चीज का निर्माण देश में किया जाए, बिल्कुल गलत है।