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यूपीए सरकार की योजना थी डॉट भारत?

Thu, 28 Aug 2014 03:35 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 28 Aug 2014 03:35 PM IST
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dot bharat upa govt connection

27 अगस्त को .भारत डोमेन आस्तित्व में आया और इसे जारी करते हुए संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से हिन्दुस्तान को बदलने का प्रयास शुरु कर दिया गया है।

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रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि,"हम इस साल 60,000 गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचा देंगे। अगले साल एक लाख और उसके अगले साल भी एक लाख गांवों तक नेश्नल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिए ब्रॉडबैंड पहुंचा दिया जाएगा।'
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उन्होंने कहा कि,"पीएम मोदी खुद टेक सेवी हैं और सूचना तकनीक को आगे बढ़ाना चाहते हैं।"

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया अभियान’ की दिशा में ‘डॉट भारत’ डोमेन एक अहम पड़ाव साबित होगा। इसके अलावा हमारी कोशिश होगी कि वेबसाइट पर हिंदी भाषा के कंटेंट सरल व सहज हों।
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हालांकि आपको ये जानकर थोड़ा हैरानी हो सकती है कि जिस .भारत डोमेन का क्रेडिट बीजेपी सरकार लेने की कोशिश कर रही है वह यूपीए सरकार की योजनाओं में शामिल था।

2013 के कुछ दस्तावेज अमर उजाला को मिले हैं जिनसे साफ पता चलता है कि .भारत डोमेन की तैयारी काफी पहले से की जा रही थी। सीडैक ने अगस्त 2013 में ही इसकी तैयारी कर ली थी। आप भी पढ़िए सीडैक का वो दस्तावेज

.भारत से क्या होगा फायदा?

अब तक इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलने के लिए उसका यूआरएल अंग्रेज़ी में टाइप करना पड़ता था, जैसे .com, .gov या .in लेकिन .भारत डोमेन हिंदी भाषा में होगा।

डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी शुरुआत में आईआरसीटीसी, बीएसएनएल और एयर इंडिया की वेबसाइट को डॉट भारत डोमेन के जरिए देवनागरी में लांच करेगा।

उसके बाद धीरे-धीरे दूसरी सरकारी संस्थाओं और विभागों को डॉट भारत डोमेन के साथ लांच किया जाएगा। डॉट भारत डोमेन को इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया, सीडैक आदि ने मिलकर तैयार किया है।


फिलहाल ये हिन्दी, बोरो, डोगरी, कोंकणी, मैथली, मराठी, नेपाली और सिंधी में उपलब्ध होगा, लेकिन जल्द ही ये बंगाली, तेलुगू, गुजराती, उर्दू, तमिल और पंजाबी में भी उपलब्ध होगा।

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