'अखिलेश' के काम की निगरानी करेगा 'मोदी' का कैमरा
केंद्र की मोदी सरकार ने सूबे की सपा सरकार के कामों की निगरानी दूरदर्शन केंद्र के जरिए शुरू कराने की रणनीति बनाई है। इसके लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय और डीडी निदेशालय के निर्देश पर बरेली दूरदर्शन केंद्र 'घूमता कैमरा' कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसमें राज्य सरकार के विभागों का हाल और उनकी वास्तविक तस्वीर पेश की जाएगी।
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने यह कदम प्रदेश सरकार के विभागों में कामकाज और सरकारी योजनाओं के नाम पर होने वाली मनमानी को उजागर करने के लिए उठाया है ताकि आम जनता उससे रूबरू हो सके।
बरेली केंद्र के कार्यक्रम प्रमुख डा. संजय कुमार ने बताया कि घूमता कैमरा लेकर डीडी की टीम स्वास्थ्य सेवाओं, तहसीलों, ब्लाकों और विकास विभाग के दफ्तरों में जाएगी। वहां जो दिखेगा, उसे हूबहू पेश किया जाएगा। कौन सी योजनाएं कैसे संचालित की जा रही हैं। इस बारे में लोगों का क्या कहना है और विभागों में आम लोगों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं मुहैया हैं, इसकी पूरी तस्वीर इस कार्यक्रम में पेश करेंगे।
हर मंगलवार को होगा प्रसारण
बरेली केंद्र के कार्यक्रम प्रमुख डा. संजय कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की स्मार्ट सिटीजन वर्क कल्चर के प्रोत्साहन के लिए है। सरकारी विभाग और आम आदमी स्मार्ट वर्किंग कल्चर के लिए प्रेरित हो, इस मकसद से दूरदर्शन इस कार्यक्रम का प्रसारण कर रहा है।
'घूमता कैमरा' कार्यक्रम साप्ताहिक है। दूरदर्शन केंद्र बरेली से इसका प्रसारण प्रत्येक मंगलवार को सायं चार बजे से साढ़े चार बजे तक होगा। अगले मंगलवार छह जनवरी से इसकी शुरुआत हो जाएगी।
केबिल पर डीडी दिखवाने पर जोर
'घूमता कैमरा' की शुरुआत करने के साथ दूरदर्शन की चिंता केबिल पर अपना चैनल न दिखाए जाने की भी है। इसके लिए बरेली केंद्र के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से मदद मांगी है। कार्यक्रम प्रमुख डा. संजय ने बताया कि कई स्थानों पर केबिल वाले दूरदर्शन का प्रसारण नहीं करते। इससे दर्शक इस बरेली केंद्र के कार्यक्रम नहीं देख पाते हैं। सब जगह केबिल के जरिए प्रसारण कराने के लिए उन्होंने डीएम को चिट्ठी लिखी है।