सोनिया का फरमान, नारों में न लें 'मोदी' का नाम
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने सांसदों को फरमान जारी कर नारों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाम लेने से मना कर दिया है। सोनिया के इस फैसले के बाद अब कांग्रेस का कोई भी सांसद अपने नारों में नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लेगा।
सोनिया गांधी का यह फैसला बुधवार को लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कथित तौर पर हुए घोटाले और उसमें अरुण जेटली का नाम आने के बाद उनके खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के बाद आया। वेल में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जेटली के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री का सीधे तौर पर नाम ले रहे थे।
इसके बाद लोकसभा में आगे की सीट पर बैठीं सोनिया गांधी ने बंगाल से सांसद अधीर रंजन चौधरी और उनके दल को नारों में नरेंद्र मोदी का नाम लेने से मना कर दिया। इसके तुरंत बाद नारों में मोदी के नाम का प्रयोग बंद कर दिया गया। शून्य काल के समाप्त हो जाने के बाद मोदी लोकसभा के बाहर चले गए।
उच्च पद की गरिमा का रखा ख्याल
नारों के दौरान मोदी के नाम का इस्तेमाल नहीं किए जाने के फैसले को पीछे सोनिया की क्या मंशा थी यह साफ नहीं हो पाया है। एक ओर पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी सदन के बाहर 'मोदी जी' शब्द का सीधे तौर पर इस्तेमाल करते हैं और वहीं दूसरी ओर सांसदों से ऐसा नहीं करने के लिए कहा जाता है।
कुछ लोगों का कहना है कि पार्टी ने यह फैसला इसलिए किया क्योंकि उच्च पदों गरिमा को बनाए रखा जा सके। गौरतलब है कांग्रेस लोकसभा और राज्यसभा में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर विरोध कर रही है। शीतकालीन सत्र के दौरान हो रहे इस प्रदर्शन की वजह से कई अहम बिल लटके हुए हैं जिसमें जीएसटी बिल भी शामिल है।