स्वाइन फ्लू का मरीज देख इमरजेंसी छोड़ भागे डाक्टर
वाराणसी में कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में मंगलवार को स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध मरीज पहुंचने पर हड़कंप मच गया। इमरजेंसी वार्ड में दोपहर दो बजे मरीज जब पहुंचा तो डॉक्टर और नर्स वहां से बाहर निकल आए। बिना मास्क के कोई उसे देखने को तैयार नहीं था। वरिष्ठ अधिकारियों ने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मिश्रा को भेजा तब जाकर किसी तरह जांच शुरू हो सकी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दावे के विपरीत अस्पताल में न तो स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जाने वाली टैमी फ्लू दवा है और न जांच का कोई प्रबंध किया गया है।
स्वाइन फ्लू से जिले में बाबतपुर की एक महिला की मौत के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। अस्पतालों में ऐसे रोगियों की चिकित्सा के बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब दोपहर दो बजे के करीब मंगलवार को सोनभद्र के रेणु सागर निवासी बैजनाथ (58) को दोपहर दो बजे लंका स्थित एक निजी अस्पताल से मंडलीय अस्पताल लाया गया। स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट पाजिटिव देख नर्सों और डॉक्टरों के हाथपांव फूल गए। संक्रमण के भय से डॉक्टर इमरजेंसी कक्ष से बाहर निकल गए। मरीज के परिवार के सदस्यों ने इसकी सूचना अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। वहां से निर्देश मिलने के बाद डॉ. अनुपम मिश्रा पहुंचे और पीड़ित की जांच की। मास्क नहीं होने के कारण कपड़े से अपना नाक-मुंह ढंककर उन्हें परीक्षण करना पड़ा। आइसोलेशन वार्ड का बंदोबस्त नहीं होने के कारण मरीज को इमरजेंसी में ही भर्ती किया गया है। इससे डाक्टरों, नर्सों में हड़कंप मचा हुआ है।
हिंडाल्को में काम करने वाले बैजनाथ को 11 फरवरी को लंका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवारवालों के मुताबिक वहां स्वाइन फ्लू की जांच के लिए गले की लार का नमूना दिल्ली भेजा गया था। जांच रिपोर्ट पाजिटिव देख निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। उसके बाद परिवार के सदस्य मरीज को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे। इस मामले में मंडलीय अस्पताल के डॉ. अनुपम मिश्रा का कहना है कि ऐसे मरीज का परीक्षण बिना मॉस्क के नहीं किया जाना चाहिए।
सीएमओ डॉ. एमपी चौरसिया ने बताया कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हैं। इसके साथ ही उसके थ्रोड स्वाब को परीक्षण के लिए पीजीआई भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि वह स्वाइन फ्लू से पीड़ित है या नहीं। संबंधित मरीज के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
इलाहाबाद में स्वाइन फ्लू की दस्तक
देश के कई राज्यों के साथ यूपी के कुछ शहरों में फैले स्वाइन फ्लू ने इलाहाबाद में भी दस्तक दे दी है। ट्रिपल आईटी की एक छात्रा में इस गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई है। फिलहाल छात्रा को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में भर्ती करा दिया गया है। खबर पाने के बाद सीएमओ के नेतृत्व में उनकी टीम ने मंगलवार को यहां झलवा स्थित संस्थान का दौरा किया और छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की।
सीएमओ का दावा है कि अन्य छात्र-छात्राओं में स्वाइन फ्लू के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। उन्हें अलर्ट किया गया है। अगर किसी तरह की दिक्कत होती है तो तुरंत सूचित करें और डॉक्टर को दिखाएं।
ट्रिपल आईटी में बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा तीन दिन पहले अचानक बीमार पड़ी। दिक्कत बढ़ने पर वह लखनऊ स्थित अपने घर चली गई। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर मंगलवार को उसे एसजीपीजीआई में भर्ती करा दिया गया। संस्थान में खबर आते ही हड़कंप मच गया। ट्रिपल आईटी प्रशासन इस बात को लेकर परेशान हो गया कि कहीं बीमारी अन्य छात्र-छात्राओं पर शिकंजा न कस ले।
सूचना सीएमओ पद्माकर सिंह को दी गई, जिसके बाद सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और स्वाइन फ्लू टास्क फोर्स की टीम ने संस्थान का दौरा किया। टीम ने संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ उन्हें बीमारी के लक्षण व उससे बचाव की भी जानकारी भी दी।
सीएमओ ने बताया कि संस्थान में अध्ययनरत बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा की तबीयत तीन दिन पहले खराब हुई थी। छात्रा अपने घर लखनऊ लौट गई। परिजन उसे एसजीपीजीआई ले गए, जहां जांच के बाद उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए। छात्रा का वहां इलाज चल रहा है। फिलहाल ट्रिपल आईटी के किसी अन्य छात्र-छात्रा में स्वाइन फ्लू के कोई लक्षण नहीं हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।