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जेटली को नसीहत- राज्यसभा को शोपीस न समझें

Mon, 18 May 2015 08:08 AM IST
Updated Mon, 18 May 2015 08:08 AM IST
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do not understand upper house like show piece

वित्त मंत्री अरुण जेटली की राज्यसभा के संदर्भ में की गई टिप्पणी लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी को बेहद नागवार गुजरी है। चटर्जी ने जेटली को राज्यसभा को शोपीस न समझने की नसीहत देते हुए कहा कि सरकार उच्च सदन में अपने हर उद्देश्य को बलपूर्वक पूरा नहीं कर सकती।

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चटर्जी ने इसे निराशा में दिया गया बयान बताते हुए कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में बहुमत के अभाव में कई बिलों के लटकने पर जेटली ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया है कि अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदन (राज्यसभा) प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदन (लोकसभा) के विवेक पर हमेशा सवाल नहीं उठा सकता।
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'उच्च सदन में बल प्रयोग नहीं कर सकती'

do not understand upper house like show piece

उन्होंने कहा था कि यह एक गंभीर सवाल है कि क्या बिल दर बिल निर्वाचित सदन के फैसले को अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदन चुनौती दे सकता है? इस पर चटर्जी ने कहा, ‘यह ठीक है कि सरकार को राज्यसभा में परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।

मगर उसे समझना होगा कि वह अपने हर उद्देश्य की पूर्ति के लिए उच्च सदन में हमेशा बल का प्रयोग नहीं कर सकती। उद्देश्य पूरा न होने के बाद राज्यसभा को शोपीस साबित करना उचित नहीं है।

सरकार के लिए राज्यसभा की राय की भी एक प्रासंगिकता है।’ जेटली को अपने इस बयान के लिए विपक्ष के सियासी हमलों का भी सामना करना पड़ा था।

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