ताजमहल की खूबसूरती पर न लगाएं उपेक्षा का ग्रहण
संसद की एक समिति ने केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार एवं सभी संबंधित एजेंसियों को नसीहत दी है कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक ताजमहल की खूबसूरती पर उपेक्षा का ग्रहण न लगाएं।
ताजमहल पर प्रदूषण के प्रभाव के अध्ययन के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति ने भारतीय पुरातत्व सर्वे के अंतरिम एक्शन प्लान को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया है। समिति ने इस बाबत मंत्रालय को प्रति माह प्रगति रिपोर्ट सौंपे जाने का भी निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने ताज जोन में वायु की गुणवत्ता के प्रबंधन में फंड उपलब्ध कराने पर असमर्थता जताई है। समिति ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट में फंड की कमी ठीक नहीं है।
संयुक्त प्रयास की जरुरत
इसलिए नेशनल इनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रोजेक्टों के
लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की जरूरत है। केंद्र को इस बाबत राज्य
सरकार से उसके अंश जारी करने पर बात करनी चाहिए।
संसदीय समिति ने कहा है कि
ताजमहल जोन में प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए केंद्र और राज्य की सभी
एजेंसियों द्वारा संयुक्त प्रयास की जरूरत है।
समिति ने कहा कि ताज
ट्रेपेजियम अथारिटी में सिर्फ सदस्य हैं। सहायक स्टाफ नहीं हैं। समिति ने
पर्यावरण मंत्रालय को निर्देश दिए कि वह वित्तीय सहायता, स्टाफ और
इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराए।
वायु प्रदूषण से स्थायी खतरा
अपनी रिपोर्ट में भारतीय पुरातत्व सर्वे ने कहा है कि ताज पर वायु प्रदूषण का स्थायी खतरा बना हुआ है। मथुरा रिफाइनरी की स्थापना के बाद से ये खतरा बढ़ा है।
बिजली कटौती के दौरान जनरेटर चलाए जाने और ताज के उत्तरी-पश्चिमी बुर्ज के पास श्मशान से भी वायु प्रदूषण फैलता है। इस पर निगरानी को प्रदूषण निगरानी केंद्र की स्थापना की गई है।
संसदीय समिति ने पाया कि चमड़े के कारखाने यमुना को आगरा में प्रदूषित कर रहे हैं। समिति को उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचित किया कि कारखाने के पास ट्रीटमेंट प्लांट है।
समिति ने कहा है कि चमड़ा कारखाने से प्रदूषण खतरा अधिक होता है इसलिए राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसका प्रतिकूल असर ताजमहल पर नहीं पड़े।
प्रत्यक्ष दिख रहा यमुना बेड का क्षरण
रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना बेड का क्षरण नंगी आंखों से देखा जा सकता है। समिति ने नाराजगी जाहिर की है कि ठोस और तरल कचरे के लिए लगाए गए प्लांट अपर्याप्त हैं।
उनमें भी कई बंद पड़े हैं। ताज ट्रेपेजियम जोन में जनरेटर से वायु प्रदूषण बढ़ा है। समिति ने राज्य सरकार को अनवरत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है ताकि जनरेटर से खतरा खत्म हो सके।