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अगर आप भी करते हैं नौकरी, तो जरूर पढ़ें ये खबर

Wed, 29 Apr 2015 11:29 AM IST
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:29 AM IST
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do not make cheating during file income tax return

रिटर्न दाखिल करने में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद आयकर विभाग अब सर्विस क्लास (नौकरी पेशा) के रिटर्न की भी स्क्रूटनी करेगा। अभी तक व्यावसायिक वर्ग ही इस कार्रवाई के दायरे में था।

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आयकर विभाग के अफसरों की मानें तो इस मुद्दे पर बोर्ड स्तर पर मंथन हो रहा है। 31 जुलाई यानी सर्विस क्लास के रिटर्न दाखिल करने के पूर्व इस संबंध में आदेश जारी किए जाने की तैयारी है।
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आयकर विभाग में सॉफ्टवेयर के जरिये रिटर्न की स्क्रूटनी के मामले छांटे जाते हैं। इसमें कंप्यूटर अपने हिसाब से उन रिटर्न को अलग कर देता है और कर निर्धारण अधिकारी उसमें दिए गए ब्यौरे की तह में जाकर पड़ताल करता है।
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मौजूदा व्यवस्था में यह कार्रवाई कंपनी, फर्मों आदि के मामलों में ही होती थी। वेतनभोगी वर्ग इससे मुक्त था। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हाल ही में देश भर से ऐसे तमाम मामले बोर्ड के सामने आए हैं, जिनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर प्रथम श्रेणी के अधिकारियों तक ने अपनी आय से जुड़े तथ्य गलत पेश करके टीडीएस कटौती की राशि के बड़े हिस्से को रिफंड क्लेम कर लिया।

एक पते पर सिर्फ दस रिटर्न

do not make cheating during file income tax return

जांच-पड़ताल में मामले खुले और सभी से रिफंड की राशि जमा कराई जा रही है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सर्विस क्लास के रिटर्न को भी अब स्क्रूटनी प्रक्रिया में लाने की बात लगभग तय हो चुकी है।

इसके बाद अनियमितता पाने की स्थिति में पेनाल्टी, ब्याज और अभियोजन जैसी कार्रवाई तक संभव हो सकती है। यह कवायद फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के मकसद से की जा रही है।

कर सलाहकारों की ओर से रिटर्न भरते वक्त अपना पता देकर रिफंड का चेक मंगाने और फिर संबंधित करदाता से चेक देने के एवज में अनापशनाप राशि फीस के रूप में मांगने की घटनाओं को देखते हुए अब एक आवासीय या व्यावसायिक पते पर सिर्फ दस रिटर्न ही भरे जा सकेंगे। अभी तक एक पते से दाखिल होने वाले रिटर्न की कोई संख्या नहीं थी। आयकर अधिकारियों की मानें तो इससे सलाहकारों की मनमानी पर लगाम लगेगी।

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