फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Do not know where to spend more money: SC

ज्यादा पैसे आने पर समझ नहीं आता कहां खर्च करें: सुप्रीम कोर्ट

Fri, 20 Feb 2015 09:02 AM IST
राजीव सिन्हा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Feb 2015 09:02 AM IST
विज्ञापन
Do not know where to spend more money: SC

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि जब लोगों के पास बहुत पैसे आ जाते हैं तो उन्हें समझ में नहीं आता कि पैसे कहां खर्च किए जाएं।

विज्ञापन


अवैध खनन मामले में फंसे कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी द्वारा जमानत पाने के लिए हैदराबाद के जज को रिश्वत देने पर शीर्ष अदालत ने पूर्व मंत्री को जमकर फटकार लगाई है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका को भ्रष्टाचार के जाल में नहीं फंसाना चाहिए और कोई भी व्यक्ति ऐसा करता है तो उससे सख्ती से निपटना चाहिए। न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेड्डी से कहा कि आप इस सिस्टम को हाईजैक कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपने कानूनी व्यवस्था का नाश कर दिया। आप जज को घूस देने का प्रयास कर रहे हैं। आपके पास इफरात पैसे हैं इसलिए आपने जज को घूस देना शुरू कर दिया।

शीर्ष अदालत ने अपनी नाराजगी तब जताई जब रेड्डी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी विश्वनाथ सेट्टी ने कहा कि अवैध खनन का मामला और उसके बाद घूस कांड एक ही षड्यंत्र का हिस्सा है, लिहाजा दोनों मामले साथ-साथ चलने चाहिए।

वर्ष 2012 में जमानत पाने के लिए रेड्डी ने जज रामाराव को रिश्वत दी थी। बाद में आरोपी जज को निलंबित कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि उस व्यक्ति के पास क्या बचाव होगा जो जज को रिश्वत देता हो। हालांकि अदालत ने रेड्डी की याचिका पर तेलंगाना सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed