'न्यायपालिका को बदनाम करने से लोकतंत्र को होगा नुकसान'
भारत के मुख्य न्यायधीश आरएम लोढ़ा ने कहा है कि ऐसा लगता है कि न्यायपालिका को बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए क्योंकि इससे लोकतंत्र को काफी नुकसान होगा।
जस्टिस आरएम लोढ़ा के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए काफी बड़े स्तर पर भ्रमित करने वाला अभियान चलाया जा रहा है और गलत सूचनाएं फैलाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं।
अदालत ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की जिसमें ये कहा गया था कि कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस केएल मंजुनाथ को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य जज के रूप में प्रस्तावित करने के कोलेजियम के निर्णय को बाध्यकारी न बनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट को लेकर हो चर्चा
गौरतलब है कि सेवानिवृत्त जज मार्कंडेय काटजू ने अपने ब्लाग में इलाहाबाद हाई कोर्ट में आपत्तिजनक छवि वाले एक न्यायधीश को नौकरी के दौरान मिले प्रमोशन के बारे में आरोप लगाए थे।
न्यायपालिका में सुधारों के बारे में कानून मंत्री रविशकंर प्रसाद ने लोकसभा में कहा है कि इन सुधारों पर बहस होनी चाहिए और भारत सरकार मूलभूत ढांचे के विकास का बारे में प्रतिबद्ध है पर जरूरत एकजुट होकर काम करने की है।