तमिलनाडु में हुआ कांग्रेस-डीएमके का गठबंधन
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। कांग्रेस ने एम करूणानिधि की पार्टी डीएमके के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। विधानसभा चुनाव में ये दोनों पार्टियां एक साथ चुनाव लड़ेंगी।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस बाबत तमिलनाडु पहुंचे थे और वहां पर उन्होंने डीएमके प्रमुख करूणानिधि से मुलाकात भी की। मुलाकात के बाद आजाद ने दोनों पार्टियों के गठबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-डीएमके एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के इस कदम को बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा पिछले साल से ही एम जयललिता की पार्टी एआईडीएमके के साथ गठजो़ड़ की कोशिश कर रही है लेकिन वह अभी तक कामयाब नहीं हो पाई है। इस बीच कांग्रेस का यह कदम विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण के काफी महत्वपूर्ण है।
बीजेपी की अब तक नहीं गली दाल
गौरतलब है कि कांग्रेस-डीएमके पहले भी एक साथ गठबंधन में रही है। 2004 से लेकर 2013 तक दोंनो राजनीतिक पार्टियों अपना गठबंधन धर्म काफी अच्छे से निभाया लेकिन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ने एक-दूसरे से अलग होने का फैसला किया था।
लोकसभा चुनाव के दौरान तमिलनाडु में कांग्रेस की वजह से डीएमके को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा था जिसके बाद से उन दोनों ने एक बार फिर से गठबंधन करने का फैसला किया।
आगामी विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर तमिलनाडु में चुनाव लड़ेगी। दोनों पार्टियां वर्तमान जयललिता सरकार को गिराने की हर संभव कोशिश करना चाहती है।