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पाक पीएम की जियारत में सहयोग से इनकार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2013 11:51 PM IST
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अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख दीवान ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की जियारत में सहयोग करने से इंकार कर दिया है।
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दीवान जैनुल अबेदिन अली खान ने शुक्रवार को कहा कि वह नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवान के सिर काटने की पाक की नापाक करतूत के विरोध में अशरफ का स्वागत नहीं करेंगे।
उधर, केंद्र सरकार ने दीवान के विरोध के बावजूद अशरफ द्वारा जियारत की रस्म पूरी करने के इंतजाम करने का फैसला किया है। हालांकि सरकार अशरफ को किसी तरह का राजनयिक सम्मान नहीं देने का फैसला पहले ही कर चुकी है।
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दीवान ने कहा कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर वह पाकिस्तान के ऐसे प्रधानमंत्री का स्वागत नहीं कर सकते जो भारत की भावना को नहीं समझ रहे हैं।
खान के मुताबिक सीमा पर जवान के सिर काटने से पूरा देश आहत है। ऐसे में अशरफ का स्वागत करना उन भारतीय जवानों के परिवार का अपमान होगा, जिनकी निर्मम हत्या पाक सेना ने की है।
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परंपरा के मुताबिक किसी भी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की जियारत में दरगाह के प्रमुख दीवान ही शामिल होते हैं। ऐसा माना जाता है कि दीवान ख्वाजा चिश्ती के वंशज हैं, लेकिन सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक दीवान के विरोध को अशरफ की जियारत के बीच नहीं आने दिया जाएगा।
ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं कि मुख्य दीवान की जगह कोई और जियारत की रस्म में शामिल हो जाएं। राजा परवेज शनिवार को एक दिन की निजी यात्रा पर अजमेर आ रहे हैं।