जौनपुर, इलाहाबाद, आजमगढ़, सहारनपुर में बवाल
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जौनपुर में बाबतपुर-जमालापुर रोड पर लगधरपुर गांव में शुक्रवार को बस से कुचलने से हुई छात्रा की मौत के बाद बवाल हो गया। छात्रा के भाई और ग्रामीणों ने बस को फूलपुर के पास पकड़ लिया, लेकिन वहां बस यूनियन के लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। इससे नाराज ग्रामीणों ने नेवढ़िया में दूसरी बस में तोड़फोड़ कर सड़क जाम कर दिया। सूचना पर नेवढ़िया थाने की पुलिस और मड़ियाहूं के एसडीएम पहुंच गए। जाम कर रहीं महिलाओं को समझाने पहुंचीं महिला थानेदार रंजना सचान को विरोध झेलना पड़ा। महिलाओं ने उन्हें दौड़ा लिया। हालांकि शाम सात बजे एसडीएम के आश्वासन पर जाम समाप्त हो गया।
नेवढ़िया थानाक्षेत्र के लगधरपुर निवासी स्व. कुसुम पटेल की पुत्री डिंपल हिमताज महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। शुक्रवार को दोपहर साढ़े 12 बजे वह कालेज से साइकल से घर आ रही थी। जमालापुर-बाबतपुर रोड से नीचे उतरते समय बाबतपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार बस ने उसे चपेट में ले लिया। छात्रा बस में फंसकर 15 मीटर तक घिसटती चली गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद छात्रा के भाई और गांव के कुछ लोगों ने बस का पीछा कर फूलपुर के पास उसे पकड़ लिया। छात्रा के भाई का आरोप है कि बस यूनियन के लोगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। वहां से आकर छात्रा के भाई और लोगों ने जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी तो वे नाराज हो गए।
ग्रामीणों ने दोपहर पौने एक बजे छात्रा का शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इसी बीच आई एक बस को रोककर ग्रामीणों ने पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। ग्रामीण प्राइवेट बसों का संचालन बंद करने और बस यूनियन के लोगों को बुलाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीण बस फूंकने की फिराक में भी थे, लेकिन नेवढ़िया थानेदार विश्वजीत प्रताप सिंह हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। इसके बाद मड़ियाहूं एसडीएम रामकेश यादव पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। सड़क पर उतरीं महिलाओं को समझाने पहुंचीं महिला थानेदार रंजना सचान को जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा। महिलाओं ने उन्हें दौड़ा लिया।
शाम लगभग सात बजे एसडीएम ने आश्वासन दिया कि प्राइवेट बसों का संचालन रोकने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही, बस यूनियन के लोगों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जाम समाप्त न होने पर लाठीचार्ज की भी चेतावनी दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए।
पथराव में दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी घायल
आजमगढ़ क्षेत्र में पान के दूकानदार को गोली मारने वालों की गिरफ्तारी के लिए बोरवा बाजार में शुक्रवार को सड़क जाम कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीण पुलिस के लाठीचार्ज करने से नाराज थे। इसमें दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़कर जाम समाप्त कराया। घायलों को पीएचसी अजमतगढ़ में भर्ती कराया गया है।
बेरवां गांव निवासी नि:शक्त योगेंद्र यादव (41) की बाजार में पान की दूकान है। 17 फरवरी की रात करीब 10 बजे गांव के सोनू सिंह अपनी बुआ के बेटे वंशू सिंह के साथ दूकान पर पहुंचे। आरोप है कि शराब के नशे में धुत दोनों ने योगेंद्र से सुर्ती मांगी। सुर्ती देने में देरी हुई तो मनबढ़ों ने उसे गोली मार दी। सीने में गोली लगने से योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका वाराणसी में उपचार चल रहा है। इस मामले में दोनों के विरुद्ध हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी और पीड़ित को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग लेकर गांव के लोगों ने शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे जीयनपुर-मुबारकपुर मार्ग पर स्थित बेरवां मोड़ पर चक्काजाम कर दिया।
सूचना पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस के अलावा अन्य थानों की फोर्स पहुंची लेकिन ग्रामीण जाम समाप्त करने को राजी नहीं हुए। पौने 12 बजे के आसपास एसडीएम सगड़ी अनिल सिंह और सीओ सगड़ी बृजेंद्र द्विवेदी फोर्स लेकर पहुंचे और जाम खुलवाने के लिए वार्ता करने लगे। इसी बीच किसी बात से नाराज होकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
पहले तो ग्रामीण भाग गए लेकिन कुछ ही देर बाद महिलाओं और पुरुषों ने ईंट-पत्थर से पुलिसवालों पर हमला बोल दिया। इसमें जीयनपुर थाने पर तैनात दारोगा ओमप्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह और सिपाही मोहम्मद अली व प्रमोद कुमार घायल हो गए। सभी को पीएचसी अजमतगढ़ में भर्ती कराया गया है। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ते हुए जाम समाप्त करा दिया। कोतवाल जीयनपुर एसएन वर्मा ने बताया कि करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त करा दिया गया। मौके पर पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। घटना के संबंध में रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है। न ही तहरीर मिली है।
बुजुर्ग की मौत के बाद फूटा आक्रोश, तोड़फोड़ और बवाल
इलाहाबाद थाना क्षेत्र के टाउन एरिया झूंसी इलाके में शुक्रवार को वृद्ध की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित लोगों ने पहले तो घंटों वृद्ध के शव को कब्जे में नहीं लेने दिया। किसी तरह पुलिस ने शव कब्जे में लिया तो आक्रोशित सैकड़ों लोग झूंसी पुलिया पर पहुंच गए तथा दूसरे पक्ष के पान की दुकान में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की। किसी तरह पुलिस ने हालात पर काबू पाया। बवाल के कारण घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
टाउन एरिया झूंसी केवटाना के वार्ड संख्या आठ का संतलाल बिंद (75) ट्राली चालक था। किसी तरह वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसका पड़ोस के रिंकू चौरसिया से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रिंकू की झूंसी पुलिया पर पान की गुमटी है। शुक्रवार को एक पक्ष विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराने लगा। इस बात की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर दरोगा व दो सिपाही पहुंचे और वृद्ध को थाने उठा ले आए। आरोप है कि थाना में संतलाल की जमकर प्रताड़ना की गई। थाने के एक दरोगा तथा दो सिपाहियों पर उसकी पिटाई करने का भी आरोप है।
शाम को तकरीबन चार बजे उसे थाने से छोड़ा गया। संतलाल के बेटे विष्णु बिंद का आरोप है कि घर पहुंचने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने दोबारा मारपीट की नीयत से उसे दौड़ा लिया। इसी दौरान संतलाल जमीन पर गिरा और उसकी मौत हो गई। वृद्ध की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घर में रोना-पीटना मच गया। वृद्ध की मौत पर इलाकाई पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। बवाल बढ़ने पर मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ सीओ अल्।का भटनागर मौके पर पहुंची। हालात पर काबू पाया। विष्णु बिंद की तहरीर पर रिंकू चौरसिया, धर्मवीर निषाद, रिंकू की मां, पांच अज्ञात, एक दरोगा तथा दो सिपाहियों के खिलाफ धारा 147 व 302 में रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर, रात तकरीबन आठ बजे सैकड़ों लोग रिंकू के पान की गुमटी पर पहुंचे तथा उसके भाई की जमकर पिटाई व तोड़फोड़ की।
पुलिस चेत जाती तो रोकी जा सकती थी तोड़फोड़
वृद्ध की मौत को लेकर परिजनों और बस्ती के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त था। इसके बावजूद इलाकाई पुलिस की ढिलाई ने जीटी रोड पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मचा दी। वृद्ध की हत्या के आरोपी रिंकू चौरसिया की झूंसी पुलिया के पास पान की गुमटी है। घटना के बाद भी उसकी दुकान बेखौफ खुली रही। दुकान पर उसका भाई बैठा था। रोज की तरह ग्राहक भी दुकान पर जमे हुए थे। इस बात की जानकारी लोगों को हुई तो मौके पर पहुंचे तथा गुमटी में जमकर तोड़फोड़ की। दुकान के युवक ने रूपये लूटने का भी आरोप लगाया है। अगर इलाकाई पुलिस थोड़ा सचेत रही होती तो आरोपी की दुकान पहले ही बंद कराया जा सकता था। इससे तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना को रोका जा सकता था।
दो समुदाय भिडे़, 12 लोग घायल
सहारनपुर में फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव गंदेवड़ा में शुक्रवार की रात दो युवकों के बीच हुई कहासुनी के बाद सांप्रदायिक संघर्ष हो गया। दलितों और मुस्लिमों में जमकर पथराव हुआ। इसमें दर्जन भर लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। एसएसपी नितिन तिवारी पीएसी और पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे। देर रात तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
गांव के दलित रवि की शादी थी। शुक्रवार को गांव में बारात गई थी जो रात आठ बजे के करीब वापस लौटी थी। बताया जाता है कि रात नौ बजे बारात में शामिल होकर लौटे गांव के एक युवक और दूसरे समुदाय के युवक के बीच कहासुनी के बाद मामला तूल पकड़ गया। पहले दोनों के बीच मारपीट हुई फिर मुस्लिम और दलित आमने-सामने आ गए।
आधे घंटा तक दोनों तरफ से पथराव हुआ जिसमें दर्जन भर लोग घायल हो गए। सूचना पर थानाध्यक्ष एचयू खान मौके पर पहुंचे और लाठियां फटकार कर स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया। पुलिस ने घायलों को फतेहपुर सीएसची में भर्ती कराया। एसएसपी नितिन तिवारी भी पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। रात 11 बजे तक एसएसपी मौके पर डटे रहे और स्थिति तनावपूर्ण थी।