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कर्फ्यू में भी सुलगता रहा सहारनपुर, पथराव-आगजनी

Sun, 27 Jul 2014 09:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर, नई दिल्ली Updated Sun, 27 Jul 2014 09:34 PM IST
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disturbance in saharanpur in curfew

सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलसे शहर में अफवाहों के चलते रविवार दिनभर तनाव और दहशत का माहौल बना रहा। कर्फ्यू और दंगाइयों को देखते हुए गोली मारने के आदेश के बावजूद कई इलाकों में आगजनी और पथराव की वारदातें हुईं।

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दंगाइयों ने कई इलाकों में पुलिस टीमों पर पथराव किया और गली-मोहल्लों में स्थित दुकानों में आगजनी की। पुलिस ने विभिन्न थानों में दंगाइयों के खिलाफ कुल नौ मामले दर्ज किए हैं। अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दंगे में गंभीर रूप से घायलों की संख्या 35 हो गई है।
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इसके अलावा झड़पों में भी 50 से ज्यादा लोगों को चोटें आई हैं।

पुलिस टीमों को बनाया निशाना

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दंगाइयों ने शनिवार रात से रविवार शाम तक जगह-जगह पुलिस टीमों को निशाना बनाया। जनता रोड के पास सड़क पर जमा भीड़ को खदेड़ने पहुंचे जवानों पर जमकर पथराव किया गया। ढोलीखाल में तो पथराव से पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। अंबाला रोड पर शनिवार रात भी दोनों समुदायों में जमकर पथराव हुआ। दंगाइयों ने गली-मोहल्लों और सुनसान इलाकों की दुकानों में लूटपाट के बाद आगजनी की।

एक सिनेमा के सामने लूटपाट के बाद एक आटो की दुकान फूंक दी। शहर की लेबर कॉलोनी, शारदा नगर में भी करीब आधा दर्जन दुकानें फूंक दी गईं। नुमाइश कैंप में तीन वाहनों में भी आगजनी की गई।

जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने बताया कि रविवार को कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। घटना संबंधी कुछ फोन जरूर आए, मगर सुबह छह बजे से 12 बजे तक ऐसे स्थानों का मुआयना किया गया। सभी जगह स्थिति सामान्य रही। शहर के 74 स्थानों पर पुलिस फोर्स मुस्तैद है।

आसमान से भी हो रही निगरानी

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शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों के सशस्त्र जवान सुरक्षा की कमान संभाले हैं। वहीं आईक्यू (रिमोट चलित टोही यंत्र) के जरिए आसमान से भी निगरानी की जा रही है।  यह पहला मौका है, जब दंगे में आईक्यू का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी तक इस जहाजनुमा यंत्र का इस्तेमाल सेना और पिछले साल केदारनाथ में आई त्रासदी के दौरान जंगलों में फंसे तीर्थयात्रियों की टोह लेने में किया गया था।

इस यंत्र में अत्याधुनिक कैमरा लगा है और इसका पूरा कंट्रोल आपरेटर के हाथ में रहता है। यंत्र के आसमान में उड़ने के साथ ही स्क्रीन पर आसपास के क्षेत्र की वीडियो फुटेज आ जाती है।

अपर पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने बताया कि दंगा प्रभावित सहारनपुर जिले में स्थिति नियंत्रण में है। सरकार ने हालात को देखते हुए लखनऊ से एडीजी टेलीकॉम डीएस चौहान को स्पेशल पुलिस आब्जर्वर बनाकर मौके पर भेजा है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है। कोई नई घटना न हो, इसके लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

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गृहमंत्री राजनाथ ने पीएम को दी जानकारी

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को उत्तर प्रदेश के सांप्रदायिक हिंसा प्रभावित सहारनपुर के हालात से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया। 30 मिनट की मुलाकात के दौरान गृहमंत्री ने राज्य में शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

उन्होंने पीएम को बताया कि वह खुद स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और इस बारे में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात की है। साथ ही यूपी सरकार को हिंसा पर काबू पाने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।

राजनाथ ने पीएम मोदी को बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रदेश सरकार की मदद के लिए 600 पैरामिलिट्री के जवानों को रवाना किया गया है।

देहात में माहौल बिगाड़ने की कोशिश

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शहर में दंगे के बाद कुछ खुराफाती तत्व देहात में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार रात बड़गांव में एक धर्मस्थल पर जानवर का मांस फेंके जाने से तनाव उत्पन्न हो गया। इसके बाद प्रशासन ने बड़गांव में मीट की बिक्री पर रोक लगा दी।

नकुड़ में दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति को पीटे जाने से माहौल बिगड़ते बिगड़ते बचा।

तीतरो में भी धर्मस्थल पर मीट फेंके जाने से लोग भड़क गए। सरसावा इलाके में भी अराजक तत्वों ने रात में घरों और दुकानों के शटर पीटे और जैन समाज के लोगों के पोस्टर फाड़ दिए।

एटीएम में तोड़फोड, आगजनी

disturbance in saharanpur in curfew

सहारनपुर में दंगे के दौरान एटीएम भी उपद्रवियों के निशाने पर रहे। दंगाइयों ने पुराने शहर में कई बैंकों के एटीएम में तोड़फोड़ कर लूटपाट और आगजनी का प्रयास किया। शहर में विभिन्न बैंकों के करीब 200 एटीएम हैं। इनमें से कई एटीएम दंगाइयों के निशाने पर रहे।

शनिवार को दंगाइयों ने अंबाला रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। एटीएम में तोड़फोड़ कर लूटपाट का प्रयास किया गया। विफल रहने पर उसे आग लगा दी। आगजनी में एटीएम के अंदर लगे एसी और अन्य सामान जल गए।

विजय टॉकिज के सामने केनरा और एचडीएफसी बैंक के एटीएम  में भी उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड की। चकराता रोड पर सेंट्रल बैंक के एटीएम में भी तोड़फोड़ कर लूटपाट का प्रयास किया। पुराने शहर के अन्य कई क्षेत्रों में भी एटीएम दंगाइयों के निशाने पर रहे। बैंक अधिकारियों ने कई एटीएम सुरक्षा की दृष्टि से बंद करा दिए हैं।

रेलवे स्टेशन पर फंसे यात्रियों को निकाला

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शहर में शनिवार को भड़की हिंसा में भले ही लोग अलग-अलग समुदाय में बंटे नजर आए, लेकिन इस दंगे के बाद लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू में फंसे हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय के यात्रियों ने सभी तरह के भेद भुलाकर एक दूसरे का साथ दिया। ऐसे करीब 1200 यात्रियों ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के पास पूरी रात गुजारी। इन यात्रियों का पता चलने पर पुलिस प्रशासन ने उनकी मदद के लिए ट्रकों और अन्य वाहनों की व्यवस्था की। हालांकि दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कुछ लोगों को घरों तक पहुंचाने की बजाय घरों के पास के संपर्क मार्ग तक छोड़ा गया। देर शाम तक यात्रियों को रवाना करने का सिलसिला जारी रहा।  

रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं का संकट

कर्फ्यू में लोगों को रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के लिए परेशानी बढ़ गई है। गैर कर्फ्यू वाले इलाकों में देहात से सब्जियां नहीं आने और दूध की सप्लाई कम होने से ग्राहकों में मारामारी मची रही। जल्दी ही डेयरियों में दूध समाप्त हो गया। दंगे के बाद शहर में  कर्फ्यू  झेल रहे लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए तरसना पड़ रहा है। कर्फ्यू वाले इलाकों को छोड़ भी दें तो भी शहर के नए इलाकों में दूध, सब्जी और ब्रेड आदि रोजाना जरूरत के सामान की किल्लत बनी रही।


अफवाहों के चलते देहात से सब्जियां और दूध आदि की सप्लाई नहीं हो सकी। कम मात्रा में डेयरियों पर आए दूध को लोगों ने हाथोहाथ ले  लिया। पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं होने से डेयरी संचालकों को परेशानी हुई। देहात से सब्जियों की आपूर्ति नहीं हुई। सब्जी विक्रेताओं के यहां जमा आलू-प्याज भी समाप्त हो गए।  कर्फ्यू  वाले मोहल्लों में लोग दंगों और बाद की स्थिति पर चर्चा करते रहे।
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