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यूपी: राजघराने की संपत्ति को लेकर बवाल

Sun, 15 Mar 2015 08:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़ Updated Sun, 15 Mar 2015 08:19 AM IST
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disturbance in pratabgarh.

यूपी में प्रतापगढ़ जनपद के दिलीपपुर राजघराने की संपत्ति को लेकर शनिवार भोर में भंगवा चुंगी के करीब जमकर बवाल हुआ। असलहाधारियों ने परिसर में तोड़फोड़ करने के साथ ही दस दुकानों में दूसरे ताले जड़ दिए। एसपी के आदेश के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो असलहाधारी वहां से भाग निकले। राजकुमारी भावना सिंह ने अपने चाचा और प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री पर खुद की हत्या की साजिश रचने की आशंका जताई है।

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दिलीपपुर स्टेट की काफी संपत्ति भंगवा चुंगी पर है। आरोप है कि शनिवार भोर में सौ से अधिक असलहाधारी कोठी वाले परिसर में पहुंच गए। गेट का ताला तोड़ने में नाकाम होने पर वे दीवार फांदकर भीतर घुस गए। इसके बाद वे दीवारों पर लगे शिलापट्ट, शौचालय के करीब रखे टाइल्स तोड़ने लगे। दस दुकानों के बाहर लिखे नाम की पोताई करा डाली। इस बीच चौकीदार अंगद सिंह को पीटा और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद उसे वहां से भगा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर भोर में चार बजे दिलीपपुर स्टेट की राजकुमारी भावना सिंह ने आला अधिकारियों के साथ ही कंट्रोल नंबर पर सूचना देने की कोशिश की।
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पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर राजकुमारी ने अपनी कोठी व संपत्ति पर हो रहे कब्जे से अवगत कराया। एसपी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस के साथ ही सीओ सिटी एमपी सलोनिया मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस को देखते ही असलहाधारी बवाली वहां से भाग निकले। कुछ ही देर में राजकुमारी भावना भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं। इस दौरान राजकुमारी की शहर कोतवाल से पैतृक संपत्ति को लेकर कहासुनी भी हुई। इस बीच सीओ सिटी ने सभी को शांत कराया। दोपहर में राजकुमारी भावना ने प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि उनके चाचा उदय प्रताप सिंह और चचेरे भाई सूरज प्रताप सिंह असलहाधारी समर्थकों के साथ पहुंचे और उनके हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ कर चौकीदार को मारापीटा। उसके पास से दस हजार से अधिक रुपए भी छीन लिए।
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प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि भी बवालियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद थे और पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि उनके चाचा राजा उदय प्रताप सिंह और कैबिनेट मंत्री साजिश रचकर उनकी हत्या करा सकते हैं। इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया का कहना है कि दिलीपपुर स्टेट की पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद है। उसी के संबंध में कुछ लोग तोड़फोड़ करने पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो वे लोग भाग निकले। तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सहम गए दर्जनों नि:शक्त बच्चे

disturbance in pratabgarh.

दिलीपपुर स्टेट के भंगवा चुंगी स्थित परिसर के एक कोने में नि:शक्तों का स्कूल है। वहां करीब तीन दर्जन से अधिक बच्चे मौजूदा समय में रुककर शिक्षा ग्रहण करते हैं। समाज कल्याण विभाग से संचालित स्कूल में नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक से लेकर कर्मचारी तक मौजूद हैं। भोर में हो हल्ला सुनकर परिसर में मौजूद विकलांग बच्चों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। मनीष कुमार, रोहित समेत अन्य बच्चों ने बताया कि रात में उनके कमरे का मुख्य गेट भी खुलवाने की कोशिश की गई लेकिन उन लोगों ने दरवाजा नहीं खोला। गालीगलौज सुनकर बच्चे भी सहम गए। अनहोनी की आशंका को देखते ही स्कूल की महिला कर्मचारी अरतुन निशा ने राजकुमारी को सूचना दी।

काफी दिनों से ठनी है रार
दिलीपपुर स्टेट की संपत्ति को लेकर काफी दिनों से रार ठनी हुई है। राजा उदय प्रताप सिंह और राजा अरुण प्रताप सिंह के उत्तराधिकारियों के बीच संपत्ति को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। राजकुमारी भावना सिंह की मानें तो करीब 55 मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। मौजूदा समय में भंगवा चुंगी स्थित पूरे परिसर का स्थगन आदेश है। मेरे हर कार्य का विरोध स्थगन आदेश की बात कहते हुए किया जाता है। जबकि चाचा के कार्य को कोई रोकने का नाम नहीं लेता। शिकायत के बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता।

‘जंगल में रहती हो तो वहीं रहो’
शहर कोतवाल पर राजकुमारी भावना का पारा खासा गरम था। कहाकि ऐसे कोतवाल के चलते ही पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है। वह शिकायत के बाद जब भंगवा चुंगी स्थित अपनी कोठी पहुंचीं और नजारा देखने के बाद विरोध करने लगीं तो कोतवाल बलिराम मिश्रा ने कहा कि दिलीपपुर जंगल में रहती हो तो वहीं रहो यहां क्या काम है। भावना सिंह ने कहाकि इंसाफ दिलाने के बजाय कोतवाल मेरा मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसे लग रहा था जैसे वह विरोधियों से मिले हैं।

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