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मेरठ गैंगरेप: खरखौदा में बवाल के बाद फोर्स तैनात

Fri, 08 Aug 2014 10:25 AM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 10:25 AM IST
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disturbance in kharkhauda

मेरठ के खरखौदा कस्बे में बृहस्पतिवार शाम मशाल जुलूस निकालकर संषर्घ समिति के कार्यकर्ताओं ने बवाल खड़ा कर दिया। मशाल लेकर सपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए थाने में घुसने पर एसपी देहात और सीओ किठौर से धक्कामुक्की कर दी। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों के घरों में पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। इस कारण वहां तनाव का माहौल बन गया। वहीं, कैली गांव में धार्मिक स्थल पर पथराव की सूचना से हड़कंप मच गया।

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गैंगरेप और धर्म परिवर्तन की घटना से आक्रोशित हिंदू-बेटी बचाओ संषर्घ समिति के कार्यकर्ताओं ने मेन बाजार से मशाल जुलूस निकला। जुलूस के रूप में कार्यकर्ता थाने पहुंचे तो खलबली मच गई। एसपी देहात और सीओ किठौर ने विरोध किया तो हंगामा खड़ा कर दिया। काफी देर बाद कार्यकर्ता वहां से लौट गए। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोग दूसरे समुदाय के मोहल्ले में घुस गए। दरवाजों में तोड़फोड़ और पथराव कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस दौड़ी तो हमलावर फरार हो गए। तनाव को देखते हुए एसपी देहात ने मोहल्ले में पुलिस तैनात कर दी।
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पुलिस के मुताबिक देर रात खरखौदा के कैली गांव में धार्मिक स्थल पर दोबारा पथराव हो की सूचना आई। और भी इस तरह की अफवाहों के चलते पुलिस फोर्स और बढ़ा दी। एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि अफवाहों के चलते फोर्स बढ़ा दी है। रात में खरखौदा में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति की अपील की।
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कैबिनेट मंत्री के खिलाफ गुस्सा
हिंदू बेटी बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने जुलूस के दौरान कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि मंत्री के दवाब में पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही। मंत्री की चुप्पी पर भी लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

खरखौदा में पांचवें दिन भी तनाव का माहौल

disturbance in kharkhauda

युवती का अपहरण कर गैंगरेप और धर्म परिवर्तन के मामले में खरखौदा क्षेत्र में पांचवें दिन भी तनाव का माहौल रहा। महिला आयोग की अध्यक्ष व सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी मां से मुलाकात की। वहीं इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर लोगों में रोष है। गैंगरेप पीड़िता अभी भी गाजियाबाद अस्पताल में आईसीयू में ही है।

बृहस्पतिवार सुबह महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी सदस्यों के साथ पीड़िता के गांव पहुंचीं। पीड़िता की मां से बातकर इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं उसके घर पहुंचे भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार की लड़ाई खुद लड़ने को कहा। वहीं सपा नेताओं के न पहुंचने पर उठे सवालों के बाद उनकी भी चहलकदमी तेज हो गई।

बृहस्पतिवार को सपा एमएलसी सरोजनी अग्रवाल और सपा नेता राजपाल सिंह ने पीड़िता की मां से जानकारी ली। प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं तनाव को देखते हुए पीड़िता के गांव में पुलिस और पीएसी अभी भी तैनात है। वहीं अफवाहों का बाजार गर्म देख खरखौदा इलाके में पुलिस बढ़ा दी गई है।

खरखौदा का बॉर्डर सील, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

disturbance in kharkhauda

गैंगरेप और धर्म परिवर्तन मामले में बवाल की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने बृहस्पतिवार को खरखौदा का बॉर्डर सील करके चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी है। वीडियोग्राफी कराने के अलावा रात में पीड़िता के गांव जाने वालों की चेकिंग भी कराई गई।

खरखौदा कस्बे और पड़ोसी गांवों में बृहस्पतिवार को भी अफवाहों का बाजार गर्म रहा। युवा पीढ़ी एक-दूसरे पर टिप्पणी करती तो कभी इसको सम्मान की लड़ाई बताती। वहीं मुख्य आरोपी सन्नाउल्ला की गिरफ्तारी न होना पुलिस-प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। गांव को सील करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बुधवार देर रात तीन घंटे की मीटिंग की। इसके बाद अगले दिन बाहर से फोर्स बुलाकर तैनात कर दी।

पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता के गांव जाने वालों की वीड़ियोग्राफी कराना शुरू कर दिया है। दोपहर को एक भाजपा नेता कार्यकर्ताओं के साथ पीड़िता के गांव जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियोग्राफी बनाने पर आपति भी जताई। वहीं बुधवार देर रात धार्मिक स्थल और घरों में पथराव होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इसको लेकर पीड़िता के गांव समेत अन्य गांवों में तनाव बना हुआ है।

फल और सब्जी विक्रेताओं में दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि फल और सब्जी विक्रेताओं ने दहशत के कारण गांव आना बंद कर दिया है। पुलिस फोर्स और गांव के हालात देखते हुए ग्रामीण भी घरों में कैद हैं। बृहस्पतिवार को इक्कादुक्का सब्जी विक्रेता गांव आए, पुलिस ने इनसे नाम पते पूछे।

धार्मिक स्थलों पर पैनी नजर
पुलिस के मुताबिक कुछ उन्मादी धार्मिक स्थलों पर पत्थर आदि फेंककर माहौल खराब करने की फिराक में हैं। अफवाह उड़ाकर तो कभी कंट्रोल रूम में सूचना देकर भड़काने की कोशिश की जा रही है। इस कारण धार्मिक स्थलों पर पुलिस की पैनी नजर है।

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