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इलाहाबाद में बवाल, पुलिस समेत कई घायल

Thu, 27 Nov 2014 02:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 27 Nov 2014 02:52 PM IST
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Disturbance in Allahabad - Many Injured Including Police

इलाहाबाद में सलैया कला गांव में मेजा ऊर्जा निगम की ओर से अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे से असंतुष्ट किसानों की बुधवार को प्रशासन से भिड़ंत हो गई। किसानों ने राख के तालाब का निर्माण रोक दिया। विरोध करने पर पुलिस और अफसरों पर जमकर पथराव किया। इससे एसडीएम, सीओ समेत दर्जनभर से अधिक पुलिस और पीएसी के जवान जख्मी हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ रबर की गोलियां दागीं। तब जाकर पथराव कर रहे लोग वहां से भागे। इसमें कई किसान जख्मी हो गए। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। खबर लिखे जाने तक सभी को खीरी थाने में बैठाया गया था। पुलिस केस दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। उधर, सलैया गांव के लोगों का आरोप है कि पथराव और भगदड़ के दौरान एक महिला गायब हो गई।

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कोंहड़ार में निर्माणाधीन मेजा पॉवर प्रोजेक्ट के लिए आसपास के सात गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इन गांवों के कुछ किसान मुआवजे को लेकर असंतुष्ट थे। वे मेजा ऊर्जा निगम के सामने लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। जबकि प्रशासन का कहना था कि मांगें पूरी की जा चुकी हैं। कुछ लोग बेवजह प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ दिनों पहले प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान नेता राजीव चंदेल के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। इसे लेकर किसान भड़क गए। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बाबा तिवारी भी उनके समर्थन में आ गए और ऊर्जा निगम के गेट पर अनशन शुरू कर दिया। प्रशासन ने अनशन इस शर्त पर समाप्त कराया था कि 20 नवंबर तक राजीव चंदेल के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई को खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन बाद में प्रशासन अपने वादे से मुकर गया।
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इधर, पुलिस और पीएसी की निगरानी में मेजा ऊर्जा निगम के रुके कार्यों को शुरू करा दिया गया। सलैया कला गांव में राख के तालाब का निर्माण कराया जा रहा था। इस दौरान वहां पहुंचे किसानों और राजीव चंदेल के समर्थकों ने काम रोकने का प्रयास किया। प्रशासन ने रोका तो बवाल शुरू कर दिया। अफसरों और जवानों पर पथराव होने लगा। पत्थर लगने से एसडीएम मेजा डा. विपिन मिश्र, सीओ मेजा राजवीर सिंह, अर्दली अमरनाथ सहित पुलिस और पीएसी के दर्जनभर से अधिक जवान जख्मी हो गए। सीओ राजबीर सिंह ने बताया कि कई सिपाही चोटिल हुए हैं। उधर, पथराव कर रहे लोग भी घायल हुए हैं।
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सलैया गांव के लोगों की मानें तो भगदड़ के दौरान एक महिला गायब हो गई है। जिसका देर रात तक कुछ पता नहीं चल सका है। आल इंडिया किसान मजदूर सभा के महासचिव राजकुमार पथिक ने आरोप लगाया है कि वहां किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। किसानों पर लाठीचार्ज के मामले में उन्होंने एसडीएम और एसओ के निलंबन की मांग की।

जिलाधिकारी भवनाथ सिंह ने का कि स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया। उपद्रव करने वाले स्थानीय नहीं, बल्कि बाहरी हैं। जिन्हें पकड़ा गया है, वे सभी बाहर के लोग हैं। स्थानीय किसानों की सभी मांगें पूरी की जा चुकी हैं। उनकी तरफ से कोई विरोध नहीं है।

मिल में भड़के किसान, जीएम को पीटा

Disturbance in Allahabad - Many Injured Including Police

मुजफ्फरनगर के पुरकाजी देहात में खाईखेड़ी के उत्तम शुगर मिल में किसान और मिल प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार को मिल परिसर पहुंचे किसानों ने तत्काल मांगें नहीं मानने पर मिल के जनरल मैनेजर की पिटाई कर दी। घटना के बाद हंगामा खड़ा हो गया। मिल के सुरक्षा अधिकारियों ने किसी तरह जीएम को किसानों से बचाया। घटना को लेकर मिल कर्मचारियों और किसानों में तनाव बढ़ गया। जीएम की पिटाई से गुस्साए कर्मचारियों ने इस सत्र में मिल चलाने से इंकार कर दिया है।

उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी ने इस सत्र में बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली के वजन के लिए नियम सख्त कर दिए हैं।  मिल प्रबंधन का कहना है कि जितने वजन की पर्ची है उतना ही गन्ना लिया जाएगा। गन्ना अधिक हुआ तो वाहन वापस लौटा दिया जाएगा। इसके अलावा किसान के खेत में ही मिल कर्मचारी वाहन पर गन्ने की क्वालिटी सही होने का स्टीकर लगाएंगे। किसान इसको लेकर मुखर हैं। उनका कहना है कि वह न तो नए वजन की बात मानेंगे और न ही खेत में अपने वाहनों पर गन्ना क्वालिटी का स्टीकर लगवाएंगे। इसके विरोध में बुधवार को क्षेत्र के खाईखेड़ी, फलौदा, हरेटी, तुगलकपुर, कम्हेड़ा, तेजलहेड़ा आदि गांवों के किसान मिल में पहुंचे और अधिकारियों को अपने बीच बात करने के लिए बुलाया।

जीएम एमसी शर्मा किसानों के बीच पहुंचे और किसानों से बात की। किसानों ने स्टीकर नहीं लगवाने और वजन की बात लिखकर जीएम को दी। जीएम ने हाईकमान से बात कर जवाब देने की बात कही। हाईकमान से बात किए बिना जीएम ने मामले में कोई बात मानने में असमर्थता जताई। इस बात पर कुछ किसान बिगड़ गए और जीएम के साथ मारपीट कर दी।

वहां खडे़ मिल के सिक्योरिटी इंचार्ज और अन्य अधिकारियों ने जीएम को किसानों के हमले से बचाया। घटना को लेकर किसानों और मिल कर्मचारियों में तनाव के हालात बन गए। बाद में बिना किसी समाधान के किसान मिल प्रांगण से चले गए। घटना की जानकारी पुलिस को तो दी गई, लेकिन फिलहाल कोई लिखापढ़ी नहीं की गई है।

तहरीर देने से किया इंकार
मिल में धरना प्रदर्शन के दौरान जीएम पर हमला करने के मामले में मिल के कर्मचारियों में किसानों के प्रति भारी रोष है। जीएम एमसी शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। इस मामले को शुगर मिल के संगठन इस्मा में भी उठाया जाएगा। जीएम और कर्मचारियों ने मिल को इस बार चलाने से इंकार कर दिया है। मामले की जानकारी डीएम को भी दे दी गई। पुलिस द्वारा तहरीर मांगे जाने पर जीएम ने तहरीर देने से इंकार कर दिया और कहा कि वह डीएम स्तर से ही इस मामले में कार्रवाई कराएंगे।

मारपीट करने वाले किसान नहीं : राजू  
जीएम के साथ मारपीट करने पर भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने इस मामले की कड़ी निंदा की है। कहा कि इस तरह की हरकत करने वाले किसान नहीं हो सकते। वहीं दूसरी ओर स्टीकर वाली बात का विरोध भी जताया और कहा कि इस मामले में किसानों का साथ दिया जाएगा ।

किसानों ने रोकी मिल की बस

बुधवार को मिल की घटना में शाम के समय मिल स्टाफ को लेकर आ रही बस को किसानों ने रोक लिया था। बाद में पुलिस ने अपनी सुरक्षा में बस को निकलवाया।

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