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मेरठ: बीआईटी में छात्र ने की खुदकुशी, बवाल

Sat, 30 Aug 2014 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 30 Aug 2014 12:58 PM IST
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disturbance after death of bit student.

दिल्ली-देहरादून बाईपास स्थित भारत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र ने शुक्रवार दोपहर हॉस्टल में फांसी लगा ली। आरोप है कि छात्र की रैगिंग की जा रही थी। लगातार प्रताड़ना के बावजूद कॉलेज मैनेजमेंट ने भी ठोस कार्रवाई नहीं की। छात्र के पिता ने भी आत्महत्या के पीछे प्रताड़ना और रैगिंग के आरोप लगाए हैं।

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वहीं साथी की मौत से गुस्साए सैकड़ों छात्रों ने कैंपस और हाईवे पर कई वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम खुलवाया। इस संबंध में थाना परतापुर में रजिस्ट्रार और चीफ वार्डन समेत 14 छात्रों के खिलाफ प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने संबंधी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। चीफ वार्डन को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
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आरसीपुरम कॉलोनी, बुंदकी रोड नजीबाबाद (बिजनौर) निवासी संजीव कुमार त्यागी का बेटा कल्पित त्यागी इंस्टीट्यूट में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह कैंपस के ही हॉस्टल के कमरा नंबर एचटू-215 में रहता था। सीओ ब्रह्मपुरी वीपी सिंह के अनुसार जानकारी में आया है कि कल्पित का स्थानीय छात्रों से विवाद चल रहा था। इसको लेकर मारपीट भी हुई थी। बृहस्पतिवार को फिर विवाद हुआ था तो रजिस्ट्रार केपी सिंह ने कल्पित के पिता को बुला लिया था। वह शाम को ही नजीबाबाद से कॉलेज आ गए थे। दोनों पक्षों में रजिस्ट्रार द्वारा समझौता कराने की बात बताई गई।
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कॉलेज के डायरेक्टर जनरल ऑफिस में तोड़फोड़

disturbance after death of bit student.

संजीव कल्पित को अपने साथ घर ले जाने वाले थे। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे जब संजीव कैंटीन में थे तो कल्पित उनसे पांच मिनट में आने की बात कहकर हॉस्टल चला गया। काफी देर बाद भी वह नहीं लौटा तो साथी छात्र और पिता हॉस्टल पहुंचे। यहां वह अपने रूम में पंखे पर झूलता हुआ मिला। यह देखकर पिता बदहवास हो गए। आननफानन में दरवाजा तोड़कर कल्पित के गले में कसा चादर का फंदा खोला गया। तब तक उसकी सांसें चल रही थीं। कल्पित को साथी छात्र अपनी सांस देते हुए कैंपस के ही हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जो बंद मिला। बाद में उसे सुभारती अस्पताल ले जाया गया। यहां कल्पित को मृत घोषित कर दिया गया।

उधर, कल्पित का शव जब एंबुलेंस से कैंपस लाया जा रहा था तो सैकड़ों छात्रों ने एंबुलेंस को इंस्टीट्यूट के मेन गेट के सामने हाईवे बीचोंबीच खड़ा कर दिया। अपने वाहनों को भी आड़ा तिरछा खड़ाकर जाम लगा दिया। इस बीच आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। छात्रों ने कल्पित की मौत के जिम्मेदार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जाम खोलने से इंकार कर दिया।

वहीं, हंगामे और नोकझोंक के बाद छात्रों ने कैंपस में भी कई बसों और कॉलेज स्टाफ के वाहनों समेत कॉलेज के डायरेक्टर जनरल ऑफिस में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ ब्रह्मपुरी वीपी सिंह, परतापुर, जानी और टीपी नगर के एसओ के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों की पुलिस अफसरों से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को खदेड़ते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

रजिस्ट्रार ने पिता के सामने मारा थप्पड़

disturbance after death of bit student.

आरोप है कि छात्र अंकित के साथ समझौता कराते समय रजिस्ट्रार ने कल्पित को उसके पिता के सामने थप्पड़ मार दिया था। वहीं पिता कल्पित को अपने साथ नजीबाबाद लेना चाहते थे। एक तरफ कॅरियर खत्म होने, पिता की उम्मीदों पर खरा न उतरने और बेइज्जती होने पर वह अवसाद में आ गया था।

‘प्रताड़ित किया जा रहा था मेरे बेटे का’
छात्र के पिता संजीव त्यागी ने पोस्टमार्टम हाउस पर रोते हुए बताया कि उसके बेटे को प्रताड़ित किया जा रहा था। उसकी रैगिंग भी की जा रही थी। कल्पित ने उनसे इसकी शिकायत भी की थी। वह कहता था कि जब वह रैगिंग की शिकायत वार्डन और रजिस्ट्रार से करता था तो उल्टा उसकी गलती ठहरा दी जाती थी। बृहस्पतिवार को मैं इस संबंध में वार्डन और रजिस्ट्रार से भी मिला था। कल्पित के साथी छात्रों ने भी आरोप लगाए कि कल्पित को बाहरी छात्र बताकर रैगिंग करते हुए प्रताड़ित किया जाता था। इस काम में मैनेजमेंट भी आरोपियों का साथ दे रहा था।

मेरे ऊपर लगाए आरोप गलत
रजिस्ट्रार केपी सिंह का कहना है कि मुझे कल्पित की मौत पर गहरा दु:ख है। यह दो बच्चों के बीच आपसी लड़ाई का मामला था। इसमें कहीं न कहीं कल्पित की भी गलती थी। रैगिंग जैसी कोई बात नहीं है। मैंने शुक्रवार को दोनों बच्चों को समझाकर मामला निपटा दिया था। कल्पित को समझाने के लिए उसके पिता को भी बुलाया गया था। उसे बेइज्जत करने या थप्पड़ मारने के आरोप गलत हैं। कल्पित को उसके पिता के सामने ही समझाया गया था। इसके बाद वह अपने पिता के साथ था। मैं नहीं जानता कि अचानक क्या हुआ।

ये हुए नामजद
थाना परतापुर पर श्रीराम कॉलोनी चांदपुर बिजनौर निवासी रवि कुमार त्यागी की तहरीर पर रजिस्ट्रार केपी सिंह, चीफ वार्डन आशीष तायल के अलावा बीटेक और बी फार्मा के द्वितीय वर्ष के छात्रों अंकित भड़ाना, अंकित धामा, विशाल, सचिन, दीपक उज्ज्वल, नितिन गोलियान, दीपक पंवार, सुमित पंवार, संदीप पंवार, अभिजित शर्मा, चिंटू, प्रतीक चिकारा, नितिन और अभिषेक के खिलाफ धारा 306 आईपीसी में केस दर्ज कराया गया है। इनमें नितिन मेकेनिकल इंजीनियरिंग चतुर्थ वर्ष का छात्र है।

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