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नेपाल में भारतीय फिल्मों पर रोक से सीमा पर बवाल
महाराजगंज/ब्यूरो
Updated Sat, 29 Sep 2012 01:20 AM IST
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भारतीय वाहनों और फिल्मों पर रोक की घोषणा के बाद शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर अशांति रही। बार्डर इलाके सोनौली में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही यहां नेपाल जाने वाली भारतीय गाड़ियों की लाइन लगी रही। स्थिति खराब होने पर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। इसके साथ रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि नेपाल के माओवादियों ने देश में भारतीय वाहनों के प्रवेश और फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में शुक्रवार को सोनौली बार्डर पर लोगों ने बवाल काटा। स्थिति खराब होती देख एसपी लक्ष्मीनारायण ने भारी संख्या में फोर्स तैनात करने के साथ रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। एएसपी अशोक कुमार तिवारी भी मौके पर पहुंच स्थिति पर नजर रखे हैं।
एसपी ने बताया कि सोनौली बार्डर पर फोर्स तैनात कर दी गई है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक भारतीय और नेपाली वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में उन्होंने गोरखपुर के पुलिस अधिकारियों से बात की और वहां से सोनौली आने वाली गाड़ियों को वहीं रोकने की बात कही। साथ ही बार्डर इलाके वाले सभी थानों के एसओ को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर दोनों देशों की गाड़ियां न आने-जाने पाएं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक गाड़ियां लेकर नेपाल न जाएं।
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भारत के विरोध में मोहन बैद्य गुट
नेपाल एक बार फिर अशांत होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के उस बयान का विरोध माओवादियों के एक गुट ने शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारतीयों की सुरक्षा की बात कही थी। भारतीय वाहनों, फिल्मों और भाषा पर रोक तो यही दर्शाती है। ज्ञात हो कि बृहस्पतिवार को ही प्रधानमंत्री भट्टाराई ने नवलपरासी में बी गैप बंधे के निरीक्षण के दौरान घोषणा की थी कि भारतीय गाड़ियों और लोगों से छेड़छाड़ न की जाए। इससे दोनों देश के संबंध खराब होते हैं।
माओवादियों को संगठन का जो पाठ प्रधानमंत्री ने पढ़ाया, उसका विरोध उसी दिन सामने आ गया। माओवादी रहे मोहन बैद्य गुट ने अलग राग अलापना शुरू कर दिया है। बैद्य गुट ने पूरे नेपाल में भारत विरोधी मुहिम शुरू कर दी है। इसी का नतीजा है कि भारतीय फिल्मों, वाहनों और हिंदी गानों पर भी रोक इस गुट ने लगा दी है। शुक्रवार को इस गुट के लोगों ने ऐलान कर दिया है कि भारतीय गाड़ियों को नेपाल में नहीं घुसने दिया जाएगा। इस कारण नेपाल सीमा पर तनाव बढ़ गया है। मोहन बैद्य गुट का झुकाव चीन की तरफ पहले से ही रहा है।
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ज्ञात हो कि नेपाल के माओवादियों ने देश में भारतीय वाहनों के प्रवेश और फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में शुक्रवार को सोनौली बार्डर पर लोगों ने बवाल काटा। स्थिति खराब होती देख एसपी लक्ष्मीनारायण ने भारी संख्या में फोर्स तैनात करने के साथ रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। एएसपी अशोक कुमार तिवारी भी मौके पर पहुंच स्थिति पर नजर रखे हैं।
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एसपी ने बताया कि सोनौली बार्डर पर फोर्स तैनात कर दी गई है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक भारतीय और नेपाली वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में उन्होंने गोरखपुर के पुलिस अधिकारियों से बात की और वहां से सोनौली आने वाली गाड़ियों को वहीं रोकने की बात कही। साथ ही बार्डर इलाके वाले सभी थानों के एसओ को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर दोनों देशों की गाड़ियां न आने-जाने पाएं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक गाड़ियां लेकर नेपाल न जाएं।
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भारत के विरोध में मोहन बैद्य गुट
नेपाल एक बार फिर अशांत होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के उस बयान का विरोध माओवादियों के एक गुट ने शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारतीयों की सुरक्षा की बात कही थी। भारतीय वाहनों, फिल्मों और भाषा पर रोक तो यही दर्शाती है। ज्ञात हो कि बृहस्पतिवार को ही प्रधानमंत्री भट्टाराई ने नवलपरासी में बी गैप बंधे के निरीक्षण के दौरान घोषणा की थी कि भारतीय गाड़ियों और लोगों से छेड़छाड़ न की जाए। इससे दोनों देश के संबंध खराब होते हैं।
माओवादियों को संगठन का जो पाठ प्रधानमंत्री ने पढ़ाया, उसका विरोध उसी दिन सामने आ गया। माओवादी रहे मोहन बैद्य गुट ने अलग राग अलापना शुरू कर दिया है। बैद्य गुट ने पूरे नेपाल में भारत विरोधी मुहिम शुरू कर दी है। इसी का नतीजा है कि भारतीय फिल्मों, वाहनों और हिंदी गानों पर भी रोक इस गुट ने लगा दी है। शुक्रवार को इस गुट के लोगों ने ऐलान कर दिया है कि भारतीय गाड़ियों को नेपाल में नहीं घुसने दिया जाएगा। इस कारण नेपाल सीमा पर तनाव बढ़ गया है। मोहन बैद्य गुट का झुकाव चीन की तरफ पहले से ही रहा है।