मेरठ: जागरण में लाउडस्पीकर पर फिर बिगड़ा माहौल
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मेरठ के लिसाड़ी गांव में बृहस्पतिवार देर रात माता के जागरण में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दूसरे समुदाय ने विरोध कर दिया। दोनों समुदायों के आमने-सामने आने से सांप्रदायिक तनाव फैल गया।
सीओ कोतवाली और एसओ लिसाड़ी गेट ने देर रात ही दोनों पक्षों के साथ गांव की प्राथमिक पाठशाला में बैठक की। बैठक में कहा गया कि गांव में करीब डेढ़ साल से लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पाबंदी है।
इस पर सीओ कोतवाली ने कह दिया कि जब पाबंदी है तो लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होगा। बैठक में बीजेपी नेता चरण सिंह लिसाडी, नीटू, चमन लाल, कारी सलीम गुफरानी, रईस अहमद, हाजी यामीन आदि मौजूद रहे।
यह हुआ था डेढ़ साल पहले
लिसाड़ी गांव में डेढ़ साल पहले धार्मिक स्थल में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दोनो समुदाय के लोगों में पथराव और फायरिंग हो गई थी। जिसमें एक महिला को गोली भी लगी थी।
इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में आयोजित बैठक में दौरान फैसला लिया गया था कि किसी भी धार्मिक जगह या घरों में धार्मिक प्रोग्राम में लाउडस्पीकर का प्रयोग नही किया जाएगा। मामले को लेकर दोनो समुदाय के गणमान्य लोगों ने सहमति भी जताई थी।
बृहस्पतिवार रात धार्मिक कार्यक्रम में लाउडस्पीकर का प्रयोग न होने पर गांव में अलग-अलग मत हैं। कोई कह रहा है कि यह पाबंदी हट जानी चाहिए तो कोई इसे लागू रखने के पक्ष में है। इस मसले को सुलझाने के लिए दोनों समुदायों की आगामी 20 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है।
'गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर प्रतिबंधित है तो नही बजाया जाएगा। अगर लोग आपस में बात कर मामले को सुलझाना चाहते है तो अच्छी बात होगी।'
- विनीत भटनागर, सीओ कोतवाली