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मुलायम की बहू की परेशानी बढ़ाएगी ये याचिका

Fri, 20 Sep 2013 01:52 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 20 Sep 2013 01:52 AM IST
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disproportionate assets case dimple yadav may be in trouble

आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई जांच के दायरे से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को बाहर किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर हुआ है।

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इसमें कहा गया है कि डिंपल की पुनर्विचार याचिका को मंजूरी दिया जाना न्यायोचित नहीं है।

सर्वोच्च अदालत से याचिकाकर्ता व अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने दायर आवेदन में फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

साथ ही कहा है कि अदालत ने इस मामले में डिंपल के आय के ज्ञान स्रोतों से अधिक संपत्ति होने के आधार पर गौर नहीं किया और उन्हें जांच के दायरे से बाहर कर दिया।
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अदालत में पेश की गई सामग्री में बताया गया था कि छानबीन के दौरान डिंपल के पास 6 संपत्तियां थीं। इस संपत्ति को परिवार से अलग मानने की गुजारिश की गई थी।

जबकि आय का कोई व्यक्तिगत स्रोत नहीं बताया गया। ऐसे में मुलायम सिंह यादव, उनके पुत्र अखिलेश व प्रतीक के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया। लेकिन डिंपल को बाहर कर दिया गया।
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जबकि निर्धारित कानून के मुताबिक आय और संपत्ति के ज्ञात स्रोतों को ध्यान में रखते हुए पूरे परिवार की आय जोड़नी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में इसे स्पष्ट किया है।

आवेदन ने कहा है कि कई मामलों में अदालत ने साफ किया है कि यदि आरोपी अपने बचाव में यह कहता है कि संपत्ति परिवार के अन्य सदस्यों की है। ऐसे में जांच एजेंसी को पूरे परिवार की आय की जांचने का आदेश दिया गया है। चाहे वह सदस्य सरकारी कर्मचारी हो या नहीं।

डिंपल की पुनर्विचार याचिका को मंजूरी देने का फैसले में गंभीर खामी है क्योंकि उनकी ओर से आय के ज्ञात स्रोत नहीं बताए गए। ऐसे में सभी जांच के दायरे में आते हैं।


आवेदन में शीर्षस्थ अदालत से गत वर्ष 13 दिसंबर को दिए गए फैसले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। साथ ही सीबीआई को डिंपल के खिलाफ जांच का आदेश जारी करने की गुजारिश भी की गई है।

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