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सोनिया-मनमोहन ने जताई महंगाई पर चिंता
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 20 Jan 2013 02:25 PM IST
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जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर के अंतिम दिन महंगाई कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आसमान छूती महंगाई के मुद्दे पर चिंता जताई हालांकि उन्होंने रसोई गैस, डीजल के दामों और रेल किरायों में बढोत्तरी जैसे कदमों को जायज भी ठहराया।
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि महंगाई से लोगों को परेशानी हो रही है, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि महंगाई पर काबू नहीं कर पाना उनके आठ वर्षों के कार्यकाल की एक कमी रही है। सोनिया गांधी महंगाई का ठीकरा वैश्विक मंदी पर फोड़ा और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को समझाएं कि सरकार किन हालात में मूल्यवृद्घि का फैसला ले रही है।
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उन्होंने कहा जब पूरी दुनिया वित्तीय संकट और आर्थिक चुनौती का सामना कर रही थी तो उस समय भारत पर उसका ज्यादा असर नहीं पड़ा। लेकिन आज इस वैश्विक मंदी का असर भारत पर भी पड़ रहा है इसलिए सरकार को कुछ कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
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वहीं, प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में कई सफलताएं हासिल की है लेकिन मंहगाई पर काबू नहीं कर पाना उनके रिकार्ड में एक कमी है। उन्होंने बेहिचक स्वीकार किया कि वह मंहगाई दर को जिस स्तर पर रखना चाहते तो वह उससे अधिक रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढोत्तरी इसका एक बार कारण रहा है। इसके अलावा उनकी सरकार ने किसानों को उपज का अधिक खरीद मूल्य दिया है उससे भी मंहगाई बढी है। डा. सिंह ने कहा कि मंहगाई रोकने के लिए आने वाले समय में हमें कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी।
सोनिया ने दिया अनुशासन व एकता का मंत्र
चिंतन शिविर में अनुशासन और एकता के बल पर अगले चुनाव में फिर से जनादेश हासिल करने का संकल्प जाहिर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज अपने नेताओं को भाई-भतीजावाद से दूर रहने और लोगों के बीच सरकार की उपलब्धियों को ले जाने की हिदायत दी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के करीब एक हजार सदस्यों को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि अगर पार्टी अनुशासन और एकता के साथ चुनाव मैदान में जाएगी तो कोई वजह नहीं है कि हमें फिर से जनादेश ना मिले। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और इस साल बहुत से राज्यों में चुनाव है। हमारी सबसे बड़ी चुनौती है कि हम एकजुट होकर अनुशासित ढंग से लोगों के सामने जाएं। हमें लोगों के विश्वास पर खरा उतरना होगा। पार्टी की विजय ही हम सबकी विजय है।
सोनिया गांधी ने अपने भाषण में कहा कि देश की हर महिला, हर लडकी को सुरक्षित महसूस करने और हर मामले में समानता हासिल करने का संवैधानिक हक है। गांधी ने कहा कि मैं निजी तौर पर यह देखूंगी कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने का विधेयक पारित हो।
पार्टी में सादगी और अनुशासन की वकालत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को सोचना होगा कि हमारी राजनीतिक सोच क्या है। किन मूल्यों के लिए हम खडे़ हैं। कौन सी बात हमें राजनीतिक विरोधियों से बेहतर बनाती है। हमारी क्या खासियत है। लोग हमें वोट क्यों दे। इन सवालों पर हमारे जवाब स्पष्ट होने चाहिए। हमें ये सवाल सादगी और भरोसे के साथ औरों को भी समझाने चाहिए।
राजनीतिक प्रक्रिया से लोगों को मोहभंग होने को गांधी बहुत बड़ी राजनीतिक चुनौती बताया और लोगों का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए चुनाव एवं राजनीतिक सुधारों का खाका सुझाने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि हमें स्वीकार करना चाहिए कि लोगों का राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग हो रहा है और हमें इसका कारण संवेदनशीलता से समझना चाहिए। इस बात का आंकलन करते समय हमें दूसरों पर कीचड़ नहीं उछालना चाहिए। लोगों का मोहभंग होने के कारण को सही ढंग से समझते हुए उनका भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों पर विचार करने की आवश्यकता है। अब हमें सुधारों को अमलीजामा पहनाने के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम तय करना होगा। इन सुधारों के बारे में सुझाव देने के लिए मैं एक समूह का गठन कर रही हूं जो हमें कार्यक्रम उपलब्ध कराएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2010 के बुराड़ी में पार्टी का प्रमुख एजेंडा भ्रष्टाचार को अंकुश में लाने का था और तब से हमने इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने लोकपाल विधेयक लोकसभा में पारित करा दिया है और मंत्रियों के मनमाने अधिकारों पर अंकुश लगाए हैं। इसके अलावा नए कानूनी बनाए गए हैं ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि 'आपका पैसा आपके हाथ' पहल इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे आम आदमी को सरकारी पैसा सीधे पहुंचेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
प्रधानमंत्री ने पाक को चेताया
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा भारतीय जवान का सिर काटे जाने की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस हरकत का दोनों देशों के संबंधों पर खराब असर पडे़गा। डा. सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने गत आठ जनवरी को नियंत्रण रेखा पर जो हरकत की उससे हम सब वाकिफ हैं। हम पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों की समीक्षा कर रहे हैं और इस घटना का हमारे संबंधों पर खराब असर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में शांति के लिए पाकिस्तान के साथ दोस्ती की चाहत तो जाहिर की लेकिन उसे यह भी बता दिया कि यह दोस्ती एकतरफा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान से दोस्ती तो चाहते हैं लेकिन इसके लिए उनको भी कोशिश करनी होगी। सिर्फ हमारी कोशिश से यह संभव नहीं है।
राहुल की नियुक्ति पर एआईसीसी की मुहर
कांग्रेस में राहुल गांधी की नंबर दो पर ताजपोशी पर आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अपनी मुहर लगा दी। यहां एआईसीसी की बैठक शुरू होते ही बिड़ला आडिटोरियम राहुल गांधी जिंदाबाद के नारों से गूंजने लगा और सदस्यों ने गांधी को पार्टी उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी जाहिर करनी शुरू कर दी।
सदस्यों के उत्साह को देखते हुए महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कार्यसमिति के इस निर्णय को इस बैठक में रखने की संवैधनिक बाध्यता नहीं है फिर भी वह इसे सदस्यों के सामने रखते हैं। इस पर बैठक में मौजूद करीब 1200 सदस्यों ने हाथ उठाकर इस निर्णय का समर्थन किया।