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धर्मांतरण पर घमासान जारी, 17 को राज्यसभा में चर्चा

Sat, 13 Dec 2014 11:13 AM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 11:13 AM IST
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discussion on conversion issue in Rajya Sabha 17 Dec.

देश भर में जारी बवाल के बीच धर्मांतरण के मुद्दे पर राज्यसभा में बुधवार 17 दिसंबर को चर्चा होगी। इस दौरान केंद्र सरकार इस मसले पर अपना रुख साफ करेगी।

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धर्मांतरण को लेकर यूपी में भी सियासी माहौल गरमा गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और संघ पर समाज में जहर फैलाने का आरोप लगाया है।

आगरा में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सभा बुलाकर धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ ने आरएसएस पर हमला बोला है।
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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आगरा में हुए धर्मांतरण मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी जबरन धर्मांतरण का समर्थन नहीं किया है और न कर सकती है। नकवी ने श्रीनगर में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने के दौरान यह बातें कहीं।
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उन्होंने कहा कि आगरा में जो भी हुआ और जिसने भी ऐसा किया है उसे जेल भेज देना चाहिए। नकवी का कहना था कि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कठोर कानून की जरूरत है। लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश में इस तरह की घटनाओं को कभी स्वीकार और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

केंद्रीय राज्य मंत्री नकवी का कहना था कि धर्मांतरण संवेदनशील मुद्दा है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संसद में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए एक बिल लाया जाए।

नकवी ने की सख्त कानून बनाने की मांग

discussion on conversion issue in Rajya Sabha 17 Dec.

नकवी ने कहा कि सख्त कानून बनाने और उस पर अमल होने की सूरत में ही जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना मुमकिन हो सकता है।

हालांकि कांग्रेस इससे पहले हैदराबाद एयरपोर्ट का नाम बदले जाने पर चर्चा कराना चाहती है। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर नोटिस दिया था। जबकि कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि संविधान का किसी भी हाल में अनादर सहन नहीं किया जा सकता।

उन्होंने ने भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था। दरअसल जदयू नेता केसी त्यागी ने इस मुद्दे को उठाया कि विश्व हिंदू परिषद ने मस्जिदों से माइक हटाने का एक प्रस्ताव पास किया है। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद का उल्लंघन है। जबकि यह हमें धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।

हालांकि त्यागी ने इस मामले को संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए हमले से जोड़ते हुए कहा कि गोलियों से संसद भवन की दीवारों पर हुए छेदों को सीमेंट से भर दिया गया है लेकिन इन सांप्रदायिक घटनाओं के कारण संविधान में जो दरारें पैदा की जा रही है, उसे कौन भरेगा।

हालांकि उपसभापति ने इन दोनों मुद्दों को एक साथ नहीं होने को कहा। उन्होंने कहा कि दोनों अलग विषय है इसलिए संसद पर हमले की घटना से इसे नहीं जोड़ा जाना चाहिए। नकवी ने कहा कि धर्मांतरण या सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर चर्चा कराने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। इसके लिए तिथि तय हो चुकी है। इसमें कोई विवाद नहीं है।

संघ का घर वापसी अभियान जारी रहेगा

discussion on conversion issue in Rajya Sabha 17 Dec.

आगरा में मुस्लिमों के धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा मचा हुआ है लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मंशा इस अभियान को रोकने की नहीं है।

संघ के वरिष्ठ प्रचारक, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं धर्म प्रसार के राष्ट्र्रीय प्रभारी जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि संघ का घर वापसी अभियान नहीं रुकेगा। हम जोर जबरदस्ती एवं लोभ लालच से घर वापसी नहीं करवा रहे हैं बल्कि लोग स्वेच्छा से आ रहे हैं।

पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन हो रहा है। स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाने वालों को कोई भी विरोधी या सरकार नहीं रोक सकती है। अगर कुछ भी संविधान के खिलाफ है तो कानून के हाथ खुले हैं। उन्होंने कहा कि घर वापसी करने वालों का बाकायदा न्यायालय में हलफनामा दिया जाता है।

धर्मांतरण पर जारी संग्राम पर शर्मा ने कहा कि आगरा के मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। अपने अभियान को जायज ठहराते हुए कहा कि संघ धर्मांतरण नहीं इच्छुक लोगों की घर वापसी करवा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम परस्त और धर्मनिरपेक्ष मुलायम सिंह यादव की पार्टी की सरकार है। फिर भला आगरा में जबरन धर्म परिवर्तन कैसे कराया जा सकता है।

विहिप नेता का दो टूक

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इस मुद्दे पर गरमाई सियासत को संघ और विहिप को बदनाम करने की कोशिश करार देते हुए शर्मा ने दावा कि विरोधियों को मुंह की खानी पड़ेगी क्योंकि लाखों लोग घर वापसी को तैयार हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि विहिप के अभियान को कहीं से भी केंद्र सरकार का समर्थन नहीं है। विहिप नेता का कहना है कि सियासी लाभ लेने के मकसद से राजनीतिक दल संघ को बदनाम करते हैं। आजादी के इतने वर्ष बाद भी हर साल पांच लाख लोगों को ईसाई बनाया जा रहा जिस पर कोई सवाल नहीं उठाता।

शिवाजी ने भी कराई थी घर वापसी

शर्मा ने कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने नेताजी पालकर की घर वापसी करवाई थी। वे हिंदू से मुसलमान बन गए थे। इससे पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने भी शुद्धिकरण अभियान चलाया था।

भगवा परिवार ने 1964 में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था
भगवा परिवार ने वर्ष 1964 में अपने अधिवेशन में चारों शंकराचार्य की उपस्थिति में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था कि स्वेच्छा और बिना किसी लालच से हिंदू से मुस्लिम और ईसाई बने लोगों की घर वापसी कराई जाए।

जबरन धर्मांतरण रोकने को कानून बने: शाह

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को एक टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़े कानून की पैरवी की।

शाह ने कहा, 'जबरन धर्मांतरण नहीं होना चाहिए और इसके खिलाफ संसद में कड़ा कानून लाना चाहिए। मैं इस तरह के कानून का समर्थन करने के लिए अन्य सभी दलों से अपील करता हूं। लेकिन, मैं गारंटी देता हूं कि भाजपा को छोड़कर कोई भी दूसरी पार्टी अपनी वोट बैंक राजनीति के कारण इसका समर्थन नहीं करेगी।'

पार्टी नेताओं और सांसदों के विवादास्पद बयानों पर शाह ने कहा, उन्हें ऐसे बयानों से दूर रहते हुआ संयम बरतना चाहिए। राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच स्पष्ट है कि यह केवल दो तरीके से हो सकता है- या तो सहमति से या अदालत के फैसले से। भाजपा प्रमुख ने ‘लव जिहाद’ को मीडिया की उपज बताया।

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